हिमाचल सरकार करेगी खर्च में कटौती, मंत्री के काफिले से एक पायलट गाड़ी हटाने की तैयारी; कैबिनेट में हुई चर्चा
हिमाचल सरकार मंत्रियों के काफिले में दो पायलट गाड़ियों के चलन पर रोक लगाने की तैयारी कर रही है। यह ...और पढ़ें

हिमाचल सरकार मंत्री के काफिले में कटौती करेगी। प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मंत्रियों के काफिले में एक पायलट गाड़ी का प्रस्ताव।
हिमाचल सरकार खर्च में कटौती के लिए उठा रही कदम।
कैबिनेट में चर्चा के बाद मंत्रियों से ली जाएगी राय।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मंत्रियों के काफिले में दो पायलट गाड़ियों के चलन पर रोक लग सकती है। सरकार मंत्रियों के साथ चलने वाले वाहनों की व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी कर रही है। प्रस्ताव के अनुसार मंत्री के काफिले में एक ही पायलट गाड़ी रहेगी। गत शनिवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस विषय पर विस्तृत चर्चा हुई, लेकिन अभी अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
अब गृह विभाग कैबिनेट मंत्रियों से इस संबंध में उनकी राय लेगा। यदि मंत्री इसके लिए हामी भरते हैं तो प्रस्ताव को दोबारा मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी के लिए रखा जाएगा।
खर्च में कटौती के लिए कदम
सरकार यह कदम खर्च में कटौती और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल की दिशा में उठाने जा रही है। सरकार आर्थिक दबाव के बीच खर्च नियंत्रित करने और संसाधनों का सदुपयोग करने पर जोर दे रही है, वहीं मंत्रियों के काफिले में दो पायलट वाहनों की व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इसलिए सरकार ऐसा कदम उठाने जा रही है।
जिले में पहुंचते ही जुड़ जाती है दूसरी पायलट गाड़ी
जब मंत्री सचिवालय से सरकारी दौरे पर निकलते हैं तो उसके साथ पायलट वाहन भी चलता है। पायलट वाहन जिले की सीमा तक ही मिलता है। उसके आगे संबंधित जिले का प्रशासन पायलट वाहन मुहैया करवाता है।
देखने में आया है कि शिमला से जाने वाला पायलट वाहन आगे भी मंत्री के साथ ही रहता है। जिला प्रशासन की व्यवस्था के बाद मंत्री के काफिले में दो पायलट वाहन हो जाते हैं। इससे ईंधन सहित अन्य संसाधनों पर अतिरिक्त खर्च के अलावा वाहनों और कर्मचारियों की तैनाती भी बढ़ जाती है। सरकार अब इसी व्यवस्था की समीक्षा कर रही है।
