हिमाचल में खिली धूप के बीच दरका पहाड़, देवदार और कायल के 40 पेड़ जड़ों समेत उखड़ गए
हिमाचल के शिमला जिले के रामपुर में बिना बारिश एक और भूस्खलन हुआ, जिसमें फांचा पंचायत में पूरी पहाड़ी दरकने से 35-40 देवदार और कायल के पेड़ उखड़ गए।
HighLights
शिमला के रामपुर में फांचा पंचायत में भूस्खलन हुआ।
35-40 देवदार और कायल के पेड़ जड़ से उखड़ गए।
हिमाचल में मानसून से अब तक 1662 करोड़ का नुकसान।
जागरण टीम, शिमला। हिमाचल प्रदेश में कुछ दिनों में ही बिना बारिश भूस्खलन की दूसरी घटना हुई है। हमीरपुर में बस पर पहाड़ी दरकने के बाद अब जिला शिमला से एक बेहद भयावह भूस्खलन का वीडियो सामने आया है। उपमंडल रामपुर की फांचा पंचायत में पूरी पहाड़ी दरक गई। भूस्खलन से देवदार और कायल के 35 से 40 पेड़ भी नष्ट हो गए। देखते ही देखते पूरी पहाड़ी दरक गई।
बताया जा रहा है यहां कई सालों से भूस्खलन हो रहा है, लेकिन इस बार वन संपद का भारी नुकसान हुआ है। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ।
कल से बरसेंगे मेघ
13 से 16 सितंबर तक मध्य पर्वतीय और निचले मैदानी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। मौसम विभाग ने कहा है कि वर्षा बढ़ने के बावजूद मानसून के ज्यादा सक्रिय होने की संभावना नहीं है।
तापमान में गिरावट
शुक्रवार को धर्मशाला में 32 व कांगड़ा में 12.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। शिमला में शाम को हल्की वर्षा हुई। दिन के तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है।
1662 करोड़ का नुकसान
प्रदेश में अभी तक मानसून के दौरान 1662 करोड़ रुपये के नुकसान का आकलन किया है। प्रदेश में 60 सड़कें बंद हैं। सितंबर में 10 दिन में सामान्य वर्षा 60 मिलीमीटर की अपेक्षा 46 मिलीमीटर हुई, जो सामान्य से 23 प्रतिशत कम है।
कब होगी मानसून की वापसी?
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के निदेशक शोभित कटियार ने बताया कि आगामी 48 घंटे में मानसून कमजोर रहने की संभावना है। हिमाचल से मानसून की सामान्य वापसी 25 सितंबर के आसपास होती है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, मानसून की वापसी की वास्तविक स्थिति अगले पांच दिन में स्पष्ट होने की उम्मीद है।
