हिमाचल को अगले महीने मिल सकता है नया हेलीकॉप्टर, लेकिन किराये पर अटका मामला; टेंडर रद होने के भी आसार
हिमाचल सरकार की नई हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की प्रक्रिया किराये को लेकर अटकी हुई है, क्योंकि टेंडर में शामिल ...और पढ़ें

हिमाचल को अगले महीने मिल सकता है नया हेलीकॉप्टर (फाइल फोटो)
HighLights
नई हेलीकॉप्टर सेवा के किराये पर सरकार से मोलभाव जारी
कंपनियों ने प्रति घंटा तीन लाख रुपये से अधिक किराया मांगा
न्यूनतम उड़ान की शर्त 40 से घटाकर 30 घंटे की गई
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल सरकार की नई हेलीकाप्टर सेवा शुरू करने की कवायद तेज हो गई है, लेकिन किराये को लेकर मामला अटक गया है।
टेंडर प्रक्रिया में शामिल दोनों एयरलाइंस कंपनियों ने तीन लाख रुपये से अधिक प्रति घंटा किराया मांगा है। यह दर सरकार की अपेक्षा से अधिक है।
ऐसे में सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) दोनों कंपनियों से किराया कम करने के लिए बातचीत कर रहा है। हालांकि किराये पर सहमति नहीं बनी है, लेकिन सरकार ने न्यूनतम उड़ान की शर्त में राहत हासिल की है। मौजूदा व्यवस्था में एयर चार्टर सर्विसेज कंपनी को हर महीने कम से कम 40 घंटे की उड़ान का भुगतान करना पड़ता था।
नए टेंडर में इसे घटाकर 30 घंटे कर दिया गया है। इससे सरकार पर आर्थिक बोझ कम होगा। निविदा प्रक्रिया में गोथावत एयरलाइंस और चिप्सन चार्टर एवं एयरक्राफ्ट ने हिस्सा लिया है।
दोनों कंपनियों की दर तीन लाख रुपये प्रति घंटे से अधिक है, जबकि जीएडी तीन लाख से ज्यादा भुगतान करने के पक्ष में नहीं है। विभाग किराये को करीब 2.75 लाख रुपये प्रति घंटे तक लाने का प्रयास कर रहा है।
बातचीत सफल नहीं हुई तो सरकार नए सिरे से टेंडर जारी करने पर विचार कर सकती है। वहीं, सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो अगले महीने तक प्रदेश को नया हेलीकाप्टर मिल सकता है।
अभी 2.65 लाख किराया
सरकार एयर चार्टर सर्विसेज प्रा. लि. से हेलीकाप्टर सेवा ले रही है। कंपनी को 2.65 लाख रुपये प्रति घंटे का किराया दिया जाता है, जो जीएसटी समेत करीब 2.95 लाख होता है। अगर कंपनियों के अभी के तीन लाख के रेट को मान लिया गया तो यह जीएसटी समेत 3.35 लाख होगा।
