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हिमाचल हाई कोर्ट का सरकार को नोटिस, 102 साल पुराने KNH अस्पताल को शिफ्ट करने पर उठाए सवाल

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 13 May 2026 12:27 PM (IST)Updated: Wed, 13 May 2026 02:14 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने कमला नेहरू अस्पताल को आईजीएमसी शिफ्ट करने की प्रक्रिया पर सरकार को नोटिस दिया है। राज्य सरकार से इस मामले में विस्तृत जवाब मांगा है।

केएनएच अस्पताल और हिमाचल हाई कोर्ट का परिसर। जागरण आर्काइव

केएनएच अस्पताल और हिमाचल हाई कोर्ट का परिसर। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. हाईकोर्ट ने केएनएच शिफ्टिंग प्रक्रिया पर नोटिस दिया।

  2. राज्य सरकार से विस्तृत जवाब और कारण पूछे गए।

  3. 102 साल पुराना अस्पताल महिलाओं-बच्चों के लिए महत्वपूर्ण।

विधि संवाददाता, शिमला। कमला नेहरू अस्पताल को आईजीएमसी शिफ्ट करने के मामले में फालमा चौहान की ओर से दायर की गई जनहित याचिका की सुनवाई करते हुए हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार को नोटिस दिया है। कोर्ट ने सरकार से इस संबंध में विस्तृत जवाब मांगा है। अगली सुनवाई की तारीख में मामले को आगे सूचीबद्ध किया जाएगा।

मुख्य न्यायाधीश गुरमीत सिंह संधावालिया और न्यायाधीश बिपिन चंद्र नेगी की खंडपीठ ने मामले को लेकर सुनवाई की। वहीं, हाईकोर्ट ने डेंटल कॉलेज के प्रस्ताव पर भी रोक लगा दी है। 

सरकार ने आईजीएमसी में शिफ्टिंग का लिया था फैसला

राज्य सरकार ने हाल ही में कमला नेहरू अस्पताल की गायनी ओपीडी और कुछ अन्य सेवाओं को इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिफ्ट करने का फैसला लिया था। सरकार का तर्क था कि आईजीएमसी में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं और मरीजों को उन्नत इलाज मिल सकेगा।  इस फैसले का शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तीखा विरोध हुआ था। स्थानीय लोगों, महिलाओं के संगठनों और विपक्षी दलों ने इसे ऐतिहासिक अस्पताल को कमजोर करने की साजिश बताया। विरोध प्रदर्शनों के बाद कई संगठनों ने हाईकोर्ट का रुख किया था।

102 वर्ष पुराना विशेष रूप से महत्वपूर्ण

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि 102 वर्ष पुराना कमला नेहरू अस्पताल महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। शिफ्टिंग से दूरदराज के मरीजों को भारी परेशानी होगी और अस्पताल की ऐतिहासिक पहचान खत्म हो जाएगी।  

हाई कोर्ट के स्वास्थ्य विभाग से सवाल

हाईकोर्ट ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए शिफ्टिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाए। कोर्ट ने स्वास्थ्य विभाग से पूछा है कि शिफ्टिंग का प्रस्ताव क्यों लिया गया और इससे मरीजों को क्या फायदा या नुकसान होगा। प्रतिक्रियाएं महिला संगठनों ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला महिलाओं के स्वास्थ्य अधिकार की रक्षा करता है।

केएनएच की अहमियत

कमला नेहरू अस्पताल शिमला का एक सदी पुराना प्रसिद्ध अस्पताल है, जो मुख्य रूप से स्त्री एवं प्रसूति रोग (गायनी) के इलाज के लिए जाना जाता है। हजारों महिलाएं हर महीने यहां इलाज करवाती हैं। अगली सुनवाई में इस मामले का अंतिम फैसला आने की संभावना है। 

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