शिमला, जेएनएन। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए हिमाचल सरकार राज्य वस्तु एवं सेवा कर (एसजीएसटी) में छूट देगी। प्रदेश सरकार ने नई उद्योग नीति में प्रावधान किया है कि हिमाचल में उद्योग लगाने पर निवेशकों को सात साल तक एसजीएसटी नहीं देना होगा। सरकार राज्य में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से धर्मशाला में सात व आठ नवंबर ग्लोबल इन्वेस्टर मीट आयोजित की जा रही है।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में सरकार का प्रतिनिधिमंडल देश और विदेश में निवेशकों के साथ बैठक कर उन्हें हिमाचल सरकार द्वारा दी जा रही विशेष छूट के बारे में अवगत करवा चुका है। इन्वेस्टर मीट में देश और विदेश के निवेशक प्रदेश में निवेश करने के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन करेंगे। नई उद्योग नीति में प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटा गया है। तीनों के लिए अलग-अलग पैकेज तैयार किए गए हैं। क्षेत्रों के आधार पर ही उद्योगों को दी जाने वाली एसजीएसटी में छूट की दरें तय की गई हैं।

प्रदेश में पहले से स्थित औद्योगिक क्षेत्रों को श्रेणी ए में रखा गया है। प्रदेश के भीतरी क्षेत्रों को श्रेणी बी और दुर्गम व जनजातीय क्षेत्रों को श्रेणी सी में रखा गया है। नई नीति में श्रेणी सी के क्षेत्रों उद्योग लगाने पर सबसे अधिक छूट का प्रावधान किया  है। सबसे कम छूट का प्रावधान श्रेणी ए के क्षेत्रों में किया गया है। ए श्रेणी में 50 फीसद, बी के क्षेत्र में निवेश करने वालों को 70 फीसद और सी श्रेणी के क्षेत्र में निवेश करने वालों को 90 फीसद तक एसजीएसटी ङ्क्षरबर्स किया जाएगा।

प्रदेश में निवेश करने वालों के लिए अलग-अलग छूट का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार अपने हिस्से के जीएसटी यानी एसजीएसटी में छूट देगी। निवेश किस क्षेत्र में हो रहा है विशेष छूट भी उसके अनुसार तय की गई है। -हंसराज शर्मा, निदेशक उद्योग विभाग।

ग्लोबल इन्वेस्टर मीट को बनाएं मेगा इवेंट, करें व्यापक प्रचार : जयराम

शिमला, जेएनएन। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ग्लोबल इन्वेस्टर मीट को मेगा इवेंट बनाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को शिमला में ग्लोबल इन्वेस्टर मीट के मीडिया प्लॉन के क्रियान्वयन के लिए आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए जयराम ठाकुर ने अधिकारियों को इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। धर्मशाला में सात व आठ नवंबर को ग्लोबल इन्वेस्टर मीट आयोजित की जाएगी। इसमें देश-विदेश के निवेशकों के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस मेगा इवेंट के समुचित प्रचार को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि इच्छुक उद्यमियों के समक्ष राज्य में मौजूद क्षमता, प्राथमिकता क्षेत्र व निवेश संभावनाओं को उजागर किया जा सके। प्रदेश में उद्योगों को स्थापित करने के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा सके। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट व सोशल मीडिया का सदुपयोग करने को कहा। मुख्य सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, अतिरिक्त मुख्य सचिव उद्योग मनोज कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुंडू, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के निदेशक हरबंस सिंह ब्रसकोन व अन्य इस अवसर पर उपस्थित थे।

Posted By: Rajesh Sharma

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