हिमाचल पंचायत चुनावों में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर आत्ममंथन, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने समीक्षा की बात कही
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने पंचायत चुनावों, विशेषकर शिमला जिला परिषद में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन को स्वीकार किया है और इसकी समीक्षा की बात कही है।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर (फाइल फोटो)
HighLights
कांग्रेस ने पंचायत चुनावों में निराशाजनक प्रदर्शन को स्वीकार किया।
शिमला जिला परिषद के नतीजों की समीक्षा करना आवश्यक है।
हिमाचल की साक्षरता में दूसरा स्थान, डॉ. परमार को श्रेय।
राज्य ब्यूरो, शिमला। जिला परिषद में कांग्रेस के निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर अब पार्टी के भीतर आत्ममंथन की आवाज उठने लगी है।
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने स्पष्ट रूप से माना कि शिमला जिला परिषद के चुनाव परिणाम संतोषजनक नहीं रहे हैं और हार के कारणों की समीक्षा जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिमला शुरू से कांग्रेस का गढ़ रहा है। ऐसे में यहां पार्टी के कमजोर प्रदर्शन को गंभीरता से लेने की जरूरत है। वह इस मुद्दे पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार से भी बात करेंगे।
रोहित ठाकुर ने कहा कि केवल शिमला जिला परिषद ही नहीं, बल्कि प्रदेशभर में पंचायत चुनाव के नतीजे भी कांग्रेस के लिए संतोषजनक नहीं रहे हैं। इससे पार्टी को नुकसान हुआ है।
ऐसे में परिणामों की समीक्षा कर कमियों को चिन्हित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पंचायती राज संस्थाएं पार्टी का जमीनी आधार हैं और इनके चुनाव में सामने आए जनादेश को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में प्रदेश में चुनावी परिस्थितियां महत्वपूर्ण होंगी। ऐसे में संगठन की कमियों को अभी से दूर करना जरूरी है। भाजपा के पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के बयान पर उन्होंने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें अपना कार्यकाल भी याद रखना चाहिए। उन्होंने संकेत दिया कि पंचायत चुनाव के नतीजों की समीक्षा संगठन के स्तर पर भी जरूरी है।
साक्षरता का श्रेय परमार से लेकर शिक्षकों तक
शिक्षा मंत्री ने हिमाचल के साक्षरता के क्षेत्र में देश में दूसरा स्थान हासिल करने को पहाड़ी प्रदेश के लिए गौरव का विषय बताया। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार से लेकर शिक्षाविदों, शिक्षकों और सभी राजनीतिक दलों के योगदान को दिया।
उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में हिमाचल की साक्षरता दर पांच प्रतिशत से भी कम थी। उस समय प्रदेश में आय के साधन सीमित थे और कनेक्टिविटी भी बेहद कम थी।
ऐसे में लोगों तक शिक्षा की अलख जगाना बड़ी चुनौती थी। डॉ. परमार स्वयं शिक्षाविद थे और उन्होंने प्रदेश में शिक्षा के विस्तार की मजबूत नींव रखी।
रोहित ठाकुर ने कहा कि इसके बाद विभिन्न सरकारों, राजनीतिक दलों, शिक्षाविदों और विशेष रूप से शिक्षकों ने शिक्षा के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज हिमाचल का साक्षरता के क्षेत्र में देश में दूसरा स्थान हासिल करना इसी सामूहिक प्रयास का परिणाम है।
कैबिनेट रद होने की सूचना शाम को मिली
दिल्ली दौरे को लेकर रोहित ठाकुर ने कहा कि वह विभाग के कार्यक्रम के सिलसिले में दिल्ली गए थे। वहां वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात हुई।
उन्होंने कहा कि यह संयोग था कि उस दौरान कई वरिष्ठ नेता दिल्ली में मौजूद थे। नेताओं के साथ सामान्य बातचीत हुई है और इसे किसी विशेष राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि वह कैबिनेट बैठक में शामिल होने के लिए वापस शिमला आए थे। कई अन्य मंत्री भी शिमला में मौजूद थे। कैबिनेट बैठक रद होने की सूचना शाम को मिली। इसके बाद बैठक नहीं हो सकी।
