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राहुल गांधी की हिरासत पर भड़की हिमाचल कांग्रेस, आज शिमला में लोकभवन का घेराव; CM और प्रदेश अध्यक्ष भी रहेंगे मौजूद

Published: Wed, 07 Oct 2026 09:45 AM (IST)

हिमाचल कांग्रेस दिल्ली में राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं की हिरासत के विरोध में शिमला के लोकभवन का घेराव करेगी।

राहुल गांधी की हिरासत पर भड़की हिमाचल कांग्रेस (फाइल फोटो)

राहुल गांधी की हिरासत पर भड़की हिमाचल कांग्रेस (फाइल फोटो)

HighLights

  1. दिल्ली में राहुल गांधी की हिरासत का विरोध

  2. हिमाचल कांग्रेस शिमला में लोकभवन का घेराव करेगी

  3. मुख्यमंत्री सुक्खू ने इसे लोकतंत्र की हत्या बताया

राज्य ब्यूरो, शिमला। दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा समेत अन्य विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में हिमाचल कांग्रेस शिमला में लोकभवन का घेराव करेगी।

प्रदर्शन 11 बजे शुरू होगा। जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष हरि कृष्ण हिमराल ने बताया कि प्रदर्शन में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार, मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे।

कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की हिरासत को लोकतांत्रिक अधिकारों और असहमति की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य सांसदों को हिरासत में लेना लोकतंत्र की हत्या है।

यह केवल जनप्रतिनिधियों की गिरफ्तारी नहीं, बल्कि संविधान, असहमति और जनता की आवाज पर सीधा हमला है। उन्होंने कहा कि जिसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, उसे संरक्षण दिया जा रहा है।

राहुल गांधी समेत सांसदों को हिरासत में लेना लोकतंत्र की हत्या: सुक्खू

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने दिल्ली पुलिस द्वारा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य सांसदों को हिरासत में लिए जाने की निंदा की है। उन्होंने इसे लोकतंत्र, संविधान और असहमति की आवाज पर हमला बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल जनप्रतिनिधियों की गिरफ्तारी का मामला नहीं है, बल्कि संविधान और जनता की आवाज को दबाने का प्रयास है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए, उसे संरक्षण और जो जनता की आवाज बनकर खड़ा है, उसे हिरासत में लिया जा रहा है। यह कैसी लोकतांत्रिक व्यवस्था है?

सुक्खू ने कहा कि आवाज दबाने से सवाल खत्म नहीं होंगे। जनता सब देख रही है और जवाबदेही तय होकर रहेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी सरकार ने नैतिक रूप से सत्ता में बने रहने का अधिकार खो दिया है।