हिमाचल CM सुक्खू नवरात्र में नए कार्यालय में होंगे शिफ्ट, जनता को मिलेगी राहत; घंटों खड़े नहीं रहेंगे फरियादी
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू शारदीय नवरात्र में सचिवालय स्थित नवनिर्मित ईलर्जली फेज-दो भवन में अपने नए कार्यालय में कामकाज संभालेंगे।

हिमाचल CM सुक्खू नवरात्र में नए कार्यालय में होंगे शिफ्ट (फाइल फोटो)
HighLights
मुख्यमंत्री सुक्खू शारदीय नवरात्र में नए कार्यालय में कामकाज संभालेंगे
नया कार्यालय दूर-दराज से आने वाले फरियादियों को देगा बड़ी राहत
आधुनिक सुविधाओं से युक्त, 100 अधिकारियों की बैठक क्षमता वाला हॉल
राज्य ब्यूरो, शिमला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू इस शारदीय नवरात्र में अपने नए कार्यालय में कामकाज संभालना शुरू कर देंगे। सचिवालय स्थित नवनिर्मित ईलर्जली फेज-दो भवन में मुख्यमंत्री का नया दफ्तर आकार ले चुका है।
आज लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) और सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम ने निर्माण गतिविधियों की प्रगति का जायजा लिया। इस नए कार्यालय के शुरू होने से दूर-दराज से अपनी फरियाद लेकर आने वाले प्रदेशवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
अक्सर यह देखने में आता था कि प्रदेश के विभिन्न कोनों से मुख्यमंत्री से मिलने आने वाले लोगों के लिए पुराने परिसर में बैठने की उचित व्यवस्था नहीं थी। जगह के अभाव में फरियादियों को सचिवालय के मुख्य द्वार से लेकर अंदर तक घंटों खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ता था।
लेकिन, नवनिर्मित कार्यालय में जनता की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। यहां मुख्यमंत्री से मिलने आने वाले लोगों के लिए बैठने की पर्याप्त और आरामदायक व्यवस्था होगी, ताकि उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े।
100 अधिकारी एक साथ कर सकेंगे बैठक
मुख्यमंत्री के इस नए कार्यालय को आधुनिक सुविधाओं और अधिक क्षमता के साथ तैयार किया गया है। आधिकारिक बैठकों के लिए इसमें एक ऐसा बड़ा हाल तैयार किया गया है, जहां एक साथ दो पंक्तियों में 50 अधिकारी बैठ सकेंगे। इससे राज्य स्तर की बड़ी विभागीय समीक्षा बैठकों का संचालन आसानी से हो सकेगा।
दो मंत्रियों को पहले ही मिल चुके हैं नए दफ्तर
गौरतलब है कि राज्य सचिवालय में सुविधाओं के विस्तार का काम लगातार जारी है। मुख्यमंत्री से पहले प्रदेश सरकार के दो कैबिनेट मंत्रियों अनिरुद्ध सिंह और यादवेंद्र गोमा के लिए भी आर्म्जडेल फेज-दो में नए कार्यालय बनाए जा चुके हैं। दोनों मंत्री पिछले करीब डेढ़ साल से अपने इन नए कार्यालयों में बैठकर जनसेवा का कामकाज निपटा रहे हैं।
