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हिमाचल में 3468 CBSE शिक्षकों की भर्ती से प्रमोशन कोटे पर संकट, संघ ने सरकार से उठाई नीति स्पष्ट करने की मांग

By Anil Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Tue, 06 Oct 2026 04:36 PM (IST)

हिमाचल में 3468 सीबीएसई शिक्षकों की भर्ती से नियमित शिक्षकों की पदोन्नति पर संकट गहरा गया है। राजकीय टीजीटी कला ...और पढ़ें

हिमाचल शिक्षक संघ ने सीबीएसई स्कूलों में नई तैनाती से प्रमोशन पर संकट का मुद्दा उठाया है। प्रतीकात्मक फोटो

हिमाचल शिक्षक संघ ने सीबीएसई स्कूलों में नई तैनाती से प्रमोशन पर संकट का मुद्दा उठाया है। प्रतीकात्मक फोटो

HighLights

  1. सीबीएसई शिक्षकों की भर्ती से नियमित शिक्षकों की पदोन्नति पर संकट।

  2. टीजीटी कला संघ ने प्रमोशन कोटे के पद बचाने की मांग की।

  3. सीधी भर्ती के लिए नए पद सृजित करने की अपील।

राज्य ब्यूरो, शिमला। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध सरकारी स्कूलों में करीब 3468 शिक्षकों की नियुक्ति के बीच नियमित शिक्षकों की पदोन्नति का संकट गहराने लगा है। राजकीय टीजीटी कला संघ ने सरकार से मांग की है कि सीबीएसई स्कूलों की नई भर्तियों में प्रमोशन कोटे के पद शामिल न किए जाएं। संघ ने सीधी भर्ती के लिए नए पद सृजित करने की मांग की है, ताकि टीजीटी और प्रवक्ता कैडर में पदोन्नति का कोटा सुरक्षित रहे।

संघ के महासचिव विजय हीर के अनुसार टीजीटी कैडर में 25 प्रतिशत और प्रवक्ता कैडर में 50 प्रतिशत पद पदोन्नति से भरे जाने का प्रविधान है। वर्तमान में प्रवक्ता कैडर में 3378 और टीजीटी कैडर में 722 पद रिक्त हैं। 

पदोन्नति के लिए उपलब्ध पद प्रभावित हो रहे

संघ का कहना है कि इन रिक्तियों में सीबीएसई स्कूलों के लिए हो रही सीधी भर्ती के शिक्षकों को समायोजित करने से पदोन्नति के लिए उपलब्ध पद प्रभावित हो रहे हैं। पिछले तीन वर्ष से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों में इससे निराशा है।

सीबीएसई स्कूलों तक सीमित रखने की बन रही व्यवस्था

संघ के अनुसार सीबीएसई स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों को टीजीटी, सीएंडवी और प्रवक्ता के बजाय विषयवार 'टीचर हिंदी', 'टीचर गणित' जैसे पदनाम दिए गए हैं, जिससे उनकी तैनाती मुख्य रूप से सीबीएसई स्कूलों तक सीमित रखने की व्यवस्था बन रही है। वहीं, सीबीएसई के लिए भर्ती शिक्षकों को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में भी प्रतिनियुक्त किए जाने से नियमित कैडर की रिक्तियां सीधी भर्ती से भरी जा रही हैं।

स्टेशन की पसंद पर भी आपत्ति

संघ ने सीबीएसई सेवारत शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति में स्टेशन की पसंद को मेरिट पर प्राथमिकता देने पर भी आपत्ति जताई है। उसका कहना है कि परीक्षा में मेरिट को प्राथमिकता नहीं मिलने से परीक्षा की उपयोगिता पर सवाल उठते हैं। साथ ही सीबीएसई स्कूलों में तैनात शिक्षकों की सेवा अवधि और उन्हें कब हटाया जा सकता है, इसे लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है।