लाइट ग्रीन-फॉरेस्ट ग्रीन और चारकोल ग्रे... हिमाचल के स्कूलों में छात्रों की बदली ड्रेस, खेलों के लिए यूनिफॉर्म भी अलग
हिमाचल प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नई एक समान वर्दी लागू होगी।

हिमाचल के स्कूलों में कुछ इस तरह नजर आएंगे छात्र
HighLights
शैक्षणिक सत्र 2027-28 से नई यूनिफॉर्म लागू होगी
बालवाटिका से 12वीं तक एक समान ड्रेस कोड
खेल गतिविधियों के लिए अलग स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल में सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की वर्दी अब पूरे प्रदेश में एक समान होगी।
शिक्षा विभाग ने बालवाटिका से कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए नई यूनिफॉर्म निर्धारित कर दी है। इसके साथ ही सभी कक्षाओं के लिए अलग और समान स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म भी तय की गई है।
नई व्यवस्था शैक्षणिक सत्र 2027-28 से लागू होगी। विभाग ने स्कूलों को निर्धारित रंग और मूल डिजाइन में अपने स्तर पर बदलाव नहीं करने के निर्देश दिए हैं।
नई यूनिफॉर्म का उद्देश्य केवल ड्रेस बदलना नहीं, बल्कि सीबीएसई से संबद्ध सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को एक समान पहचान देने के साथ उनमें समानता, अनुशासन और स्कूल से जुड़ाव की भावना विकसित करना है। विभाग का कहना है कि समान वर्दी से विद्यार्थियों के बीच दिखने वाले सामाजिक-आर्थिक अंतर को कम करने में भी मदद मिलेगी।
बालवाटिका से 12वीं तक अलग-अलग डिजाइन
बालवाटिका के छोटे बच्चों के लिए लाइट ग्रीन पोलो टी-शर्ट और चारकोल ग्रे शॉर्ट्स रखे गए हैं। कक्षा पहली से पांचवीं तक लाइट ग्रीन शर्ट के साथ चारकोल ग्रे पैंट/स्कर्ट और फॉरेस्ट ग्रीन टाई होगी।
कक्षा छह से 12वीं तक छात्रों के लिए लाइट ग्रीन शर्ट, चारकोल ग्रे ट्राउजर और फॉरेस्ट ग्रीन टाई निर्धारित की गई है। छात्राओं के लिए लाइट ग्रीन कमीज/शर्ट के साथ फॉरेस्ट ग्रीन सलवार-दुपट्टा या ग्रे ट्राउजर का विकल्प रखा गया है। इस स्तर पर स्कर्ट निर्धारित नहीं की गई है।
खेल के मैदान में भी एक जैसी पहचान
विद्यार्थियों की खेल गतिविधियों के लिए सभी कक्षाओं में समान स्पोर्ट्स यूनिफॉर्म होगी। इसमें सफेद/लाइट ग्रीन स्पोर्ट्स टी-शर्ट, फॉरेस्ट ग्रीन ट्रैक सूट और उपयुक्त खेल जूते शामिल होंगे।
शारीरिक शिक्षा की कक्षाओं, खेल अभ्यास, प्रतियोगिताओं और अन्य खेल गतिविधियों में यही यूनिफॉर्म इस्तेमाल होगी।
पहाड़ के मौसम का भी रखा ध्यान
हिमाचल के अलग-अलग क्षेत्रों के मौसम को ध्यान में रखते हुए गर्मियों और सर्दियों की ड्रेस अलग रखी गई है। ठंडे और अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षात्मक कपड़े पहनने की अनुमति होगी। फॉरेस्ट ग्रीन टोपी, स्कार्फ और दस्ताने जैसे सर्दियों के सामान का भी प्रावधान किया गया है।
ड्रेस के नाम पर बच्चों को नहीं किया जाएगा शर्मिंदा
विभाग ने स्कूलों को विशेष रूप से निर्देश दिए हैं कि यूनिफॉर्म का पालन बाल-संवेदनशील तरीके से कराया जाए।
किसी विद्यार्थी को छोटी या अस्थायी कमी के लिए सार्वजनिक रूप से अपमानित नहीं किया जाएगा। बीमारी, चोट, दिव्यांगता और अत्यधिक मौसम जैसी वास्तविक परिस्थितियों में उचित छूट दी जा सकेगी।
स्कूलों को यूनिफॉर्म के नाम पर अनावश्यक सजावटी सामान, अतिरिक्त बैज या महंगे सामान को अनिवार्य करने से भी रोका गया है। निर्धारित रंग और मूल डिजाइन में स्कूल अपने स्तर पर बदलाव नहीं कर सकेंगे।
नई यूनिफॉर्म सत्र 2027-28 से प्रदेश के सीबीएसई संबद्ध सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की साझा पहचान बनेगी।
