हिमाचल कैबिनेट विस्तार पर रजनी पाटिल ने स्पष्ट की स्थिति, मंत्री नेगी को बयानबाजी पर चेतावनी; चुनाव आयोग को घेरा
हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कैबिनेट विस्तार पर स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री से कोई प्रस्ताव नहीं मिला है। उन्होंने संगठन में अनुशासनहीनता पर सख्त रुख अपनाया।

शिमला में पत्रकारों से बात करतीं हिमाचल कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल व अन्य नेता।
HighLights
कैबिनेट विस्तार पर मुख्यमंत्री से कोई प्रस्ताव नहीं मिला।
संगठन में अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी।
चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाए।
राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चल रही अटकलों के बीच कांग्रेस राज्य प्रभारी रजनी पाटिल ने बड़ा बयान दिया है। शिमला स्थित कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में लगातार दो दिनों तक चली मैराथन बैठकों के बाद पाटिल ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री की ओर से अब तक मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई भी प्रस्ताव उन्हें नहीं सौंपा गया है।
उन्होंने साफ कहा कि जब मुख्यमंत्री की तरफ से प्रस्ताव आएगा, उसके बाद ही इस पर आगे की कार्रवाई होगी। प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने संगठन में चल रही खींचतान, आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर भी बेबाक राय रखी।
संगठन की गुटबाजी पर सख्त, मंत्री नेगी को दी नसीहत
पार्टी के भीतर चल रही खींचतान पर प्रभारी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि बैठकों के दौरान करीब 90 प्रतिशत जिला अध्यक्षों ने यह शिकायत की है कि ब्लाक अध्यक्ष उनकी बात नहीं सुनते। पाटिल ने इसे गंभीरता से लेते हुए अनुशासनहीनता पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं, संगठन सृजन अभियान को लेकर हो रही बयानबाजी पर उन्होंने कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी को खुली नसीहत दी।
पाटिल ने कहा कि नेगी जिस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, उन्हें उससे बचना चाहिए। भविष्य में ऐसी अनुशासनहीनता पर पार्टी को सख्त कदम उठाने पड़ेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि परिवार में थोड़ी-बहुत खींचतान स्वाभाविक है, लेकिन सरकार और संगठन के बीच कोई विरोध नहीं है और सभी को साथ लेकर चला जाएगा।
2027 के चुनाव की तैयारियां शुरू, पेपर लीक बनेगा बड़ा मुद्दा
रजनी पाटिल ने कहा कि कांग्रेस ने 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियां अभी से शुरू कर दी हैं। पार्टी जल्द ही नई रणनीति के साथ जनता के बीच जाएगी। उन्होंने पेपर लीक को एक बड़ा मुद्दा बताते हुए दावा किया कि इसके कारण 70 से 80 युवाओं को आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम उठाना पड़ा। कांग्रेस इस मुद्दे को जनता के बीच प्रमुखता से उठाएगी। इसके अलावा, पाटिल ने राहुल गांधी के छात्रों की गूंज कार्यक्रम की सराहना करते हुए हिमाचल में भी इसी तर्ज पर युवाओं के लिए कार्यक्रम आयोजित करने का आग्रह किया है। प्रदेश में जहां कमेटियों की नियुक्तियां लंबित हैं, वहां जल्द नियुक्तियां कर दी जाएंगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त पर विवादित टिप्पणी, ईवीएम पर उठाए गंभीर सवाल
प्रेस वार्ता के दौरान रजनी पाटिल का सबसे आक्रामक रुख चुनाव आयोग को लेकर देखने को मिला। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बेहद गंभीर और विवादित आरोप लगाते हुए उन्हें देश का गद्दार करार दिया और कहा कि उन्हें जेल में डाला जाना चाहिए। नई पीढ़ी (जेन जी) का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि वे भी अब ज्ञानेश कुमार को इट्स डन ब्रो कह रहे हैं। पाटिल ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए उसे चोर आयोग तक कह दिया।
ईवीएम के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस भविष्य में ईवीएम से चुनाव न कराने की पुरजोर मांग करेगी। उन्होंने भाजपा और चुनाव आयोग पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कहा कि दोनों एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं।
सोमवार को वोट चोरी के खिलाफ सभी जिलों में होगा प्रदर्शन
पाटिल ने हालिया चुनाव का हवाला देते हुए कई बड़े दावे किए। उन्होंने कहा हरियाणा चुनाव में उम्मीद के विपरीत नतीजे आए क्योंकि वहां 13 करोड़ लोगों के वोट काट दिए गए। वहीं, महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए आरोप लगाया कि वहां केवल वोट ही नहीं, बल्कि एनसीपी जैसी पूरी पार्टी ही चुरा ली गई। चुनाव प्रक्रिया में कथित धांधली और वोट चोरी के विरोध में कांग्रेस आगामी सोमवार को हिमाचल प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर बड़े स्तर पर रोष प्रदर्शन करेगी।
