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हिमाचल विधानसभा में 40 हजार करोड़ का अनुपूरक बजट पारित, वेतन-पेंशन और ओवरड्राफ्ट के लिए कितना हिस्सा?

By Parkash Bhardwaj Edited By: Rajesh Sharma
Published: Thu, 19 Mar 2026 04:22 PM (IST)Updated: Thu, 19 Mar 2026 06:38 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने 2025-26 के लिए ₹40,461.95 करोड़ का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुकखू।

हिमाचल प्रदेश विधानसभा में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुकखू।

HighLights

  1. ₹40,461.95 करोड़ का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित।

  2. वेतन, पेंशन, आपदा राहत, स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान।

  3. आधारभूत ढांचे और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल प्रदेश विधानसभा ने वीरवार को वर्ष 2025-26 के लिए 40,461.95 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट ध्वनिमत से पारित कर दिया। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सदन में हिमाचल प्रदेश विनियोग विधेयक, 2026 प्रस्तुत किया, जिसे बिना किसी संशोधन के मंजूरी मिल गई। अनुपूरक बजट को पारित करते समय विपक्षी सदस्यों की ओर से कोई मत प्रकट नहीं किया गया। कुल मिलाकर अनुपूरक बजट राज्य में आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण, सामाजिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन को प्राथमिकता देने पर खर्च वाला रहा।

किस मद व योजना के लिए कितना बजट

इस अनुपूरक बजट में राज्य सरकार ने विकास कार्यों, कर्मचारियों के वेतन-भत्तों, सामाजिक योजनाओं और आपदा राहत पर विशेष फोकस रखा है। कुल बजट में से 36,374.61 करोड़ रुपये राज्य योजनाओं के लिए और 4,087.34 करोड़ रुपये केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं के लिए निर्धारित किए गए हैं। 

वेतन पेंशन व ओवरड्राफ्ट के लिए कितना हिस्सा

राज्य योजनाओं के तहत सबसे बड़ा हिस्सा 26,194.95 करोड़ रुपये वेतन, पेंशन और ओवर ड्राफ्ट के लिए रखा गया है। इसके अतिरिक्त बिजली क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 4,150.14 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें बिजली बोर्ड के ऋण को इक्विटी में बदलना और ट्रांसफार्मरों की मरम्मत शामिल है।

आपदा राहत व जलापूर्ति के लिए बजट

प्राकृतिक आपदा राहत के लिए 818.20 करोड़ रुपये, जबकि जलापूर्ति एवं मल निकासी योजनाओं के लिए 785.22 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। 

स्वास्थ्य क्षेत्र को 657 करोड़

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी बड़ा निवेश करते हुए 657.22 करोड़ रुपये हिमकेयर, सहारा योजना, मेडिकल कालेजों में रोबोटिक सर्जरी और उन्नत जांच सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे।

इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए 555 करोड़

इंफ्रास्ट्रक्चर को गति देने के लिए 555.89 करोड़ रुपये विशेष केंद्रीय सहायता के तहत विभिन्न परियोजनाओं जैसे शिमला सब्जी मंडी, हमीरपुर बस अड्डा, खलीनी फ्लाई ओवर और अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट पर खर्च होंगे। 

पीडब्ल्यूडी और एचआरटीसी के लिए बजट

सड़कों और पुलों के रखरखाव व निर्माण के लिए 453.63 करोड़ रुपये तथा हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम को यात्रियों को दी जा रही रियायतों के बदले 443.33 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

शिक्षा, खेल व ग्रामीण विकास के लिए 

ग्रामीण विकास, शिक्षा और खेल सुविधाओं पर भी ध्यान देते हुए स्कूल भवनों, तकनीकी संस्थानों और इंडोर स्टेडियमों के निर्माण के लिए 244.31 करोड़ रुपये रखे गए हैं। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय और विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लिए 221.53 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

केंद्रीय प्रायोजित योजनाओं में आपदा प्रबंधन के लिए एनडीआरएफ से प्राप्त 2,453.97 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के लिए 688.40 करोड़ रुपये और रेणुकाजी बांध विस्थापितों के मुआवजे के लिए 352.18 करोड़ रुपये शामिल हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा और कृषि सिंचाई योजना के तहत भी राशि निर्धारित की गई है।

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