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अदाणी और देवभूमि जैसी बड़ी कंपनियों की होड़ से बागवानों को फायदा, एक दिन में 5 रुपये बढ़े सेब के दाम

Published: Wed, 02 Sep 2026 03:35 PM (IST)Updated: Wed, 02 Sep 2026 03:49 PM (IST)

सेब खरीददार कंपनियों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण बागवानों को लाभ की उम्मीद जगी है। एक ही दिन में कंपनियों ...और पढ़ें

बड़ी कंपनियों की जंग से बागवानों को लाभ की उम्मीद, एक दिन में पांच रुपये बढ़े सेब के दाम।

बड़ी कंपनियों की जंग से बागवानों को लाभ की उम्मीद, एक दिन में पांच रुपये बढ़े सेब के दाम।

HighLights

  1. कंपनियों ने एक दिन में ₹5/किलो सेब रेट बढ़ाए

  2. अडानी, देवभूमि जैसी कंपनियों ने ऊंचे दाम दिए

  3. कम उत्पादन और त्योहारी मांग से दाम को सहारा

जागरण संवाददाता, शिमला। सेब सीजन के बीच खरीददार कंपनियों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा का लाभ अब बागवानों को मिलने की उम्मीद जगी है। कंपनियों ने एक ही दिन में सेब के खरीद रेट में करीब पांच रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी कर दी है।

अडानी ने 108 रुपये, देवभूमि ने 113 रुपये और नीचे चेस्ट ने 110 रुपये प्रति किलो का रेट जारी किया है। इसके अलावा दो अन्य छोटी कंपनियों ने भी 112 रुपये प्रति किलो के आसपास सेब का खरीद रेट घोषित किया है। अचानक बढ़े दामों से बागवानों को आने वाले दिनों में और बेहतर रेट मिलने की उम्मीद है।

सेब उत्पादक क्षेत्रों में इस समय कंपनियों और निजी खरीदारों के बीच सेब की खरीद को लेकर प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। इसका सीधा असर खरीद रेट पर दिखाई देने लगा है। बीते दिनों की तुलना में कंपनियों ने अपने रेट में इजाफा किया है। बागवानों को उम्मीद है कि यदि कंपनियों के बीच खरीद की होड़ इसी तरह जारी रही तो आने वाले दिनों में सेब के दाम में और बढ़ोतरी हो सकती है।

मंडी में भी 150 रुपये तक पहुंचा भाव

कंपनियों के रेट बढ़ने के साथ ही मंडियों में भी सेब के दामों में तेजी आने लगी है। अच्छी गुणवत्ता के सेब को मंडियों में 150 रुपये प्रति किलो तक का भाव मिल रहा है। कारोबारियों के अनुसार जन्माष्टमी के चलते बाजार में सेब की मांग बढ़ी है। त्योहार के कारण खपत बढ़ने से मंडियों में अच्छे सेब की मांग मजबूत बनी हुई है।

कम उत्पादन से भी मिल रहा सहारा

इस सीजन प्रदेश में सेब का उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में काफी कम रहने का अनुमान है। कम उत्पादन के चलते बाजार में उपलब्ध सेब की मात्रा सीमित है। ऐसे में मांग बनी रहने से दाम को सहारा मिल रहा है। बागवानों का मानना है कि कम उत्पादन, त्योहारी मांग और कंपनियों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा का फायदा उन्हें मिल सकता है।

हालांकि, सेब के दाम किस स्तर तक पहुंचेंगे, यह आने वाले दिनों में बाजार की मांग, गुणवत्ता और मंडियों में आवक पर निर्भर करेगा। फिलहाल कंपनियों की ओर से रेट बढ़ाए जाने से बागवानों में सीजन के बेहतर रहने की उम्मीद बढ़ी है।