विधि संवाददाता, शिमला : हिमाचल हाईकोर्ट ने ऊना जिले के बंगाणा स्थित सदाशिव महादेव मंदिर ध्यूंसर (तलमेहड़ा) के अधिग्रहण पर रोक लगाने से इन्कार करते हुए सरकार से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई 13 अगस्त को फिर होगी। कोर्ट ने भाषा कला एवं संस्कृति विभाग के सचिव व निदेशक सहित मंदिर के आयुक्त को नोटिस जारी किया।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ ने सदाशिव मंदिर चेरिटेबल ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई के बाद कहा कि मंदिर के सभी कार्य कानून के अनुसार चलाए जाएं। याचिकाकर्ता ने चिंतपूर्णी विधानसभा क्षेत्र के विधायक बलबीर सिंह को भी निजी तौर पर प्रतिवादी बनाया है। प्रार्थी ट्रस्टी का आरोप है कि सरकार ने इस मंदिर का अधिग्रहण विधायक बलबीर व बंगाणा के विधायक वीरेंद्र कंवर के प्रभाव में आकर किया है। यह मंदिर ट्रस्ट का निजी मंदिर है और यह ट्रस्ट श्रद्धलुओं की अपेक्षाओं के अनुसार काम कर रहा है। सरकार के पास ऐसी कोई पुख्ता जानकारी नहीं है, जिसके आधार पर इस मंदिर का अधिग्रहण किया गया। प्रार्थी ने कहा कि केवल ¨हदू मंदिरों का अधिग्रहण कर सरकार यह बताना चाहती है कि ¨हदू मंदिरों का रखरखाव व मैनेजमेंट खराब है। कोर्ट ने सरकार से सोमवार तक याचिका का जवाब तलब किया है। मामले पर सुनवाई 13 अगस्त को होगी।

By Jagran