शिमला, जेएनएन। प्रदेश में आज तीन घंटों के दौरान भारी बारिश और ओलावृष्टि होगी। इसे लेकर मौसम विभाग ने मंगलवार सुबह ही अलर्ट जारी कर दिया है। मंगलवार सुबह करीब नौ बजे शिमला, सोलन, बिलासपुर, कांगड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई है। मौसम विभाग के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया ऊना, बिलासपुर, कांगड़ा,  हमीरपुर, सोलन, सिरमौर और शिमला में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ओलावृष्टि होगी। मौसम विभाग ने दस बजे यह अलर्ट जारी किया है। दूसरी और शिमला में सुबह साढ़े नौ बजे से बारिश शुरू हो गई है। सोलन में देर रात को तेज हवाएं चली और बारिश भी हुई है। प्रदेश में अचानक बदले मौसम के मिजाज के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। शिमला सहित प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में लोगो को गर्मी से राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश की राजधानी शिमला में शाम तक मौसम खराब रहेगा। बुधवार 17 अप्रैल को भी भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

अप्रैल का दूसरा सप्ताह बीतने पर भी हिमाचल में मौसम की अनिश्चितता बरकरार है। मौसम विभाग ने 16 व 17 अप्रैल को प्रदेश के नौ जिलों में भारी बारिश व ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इस दौरान 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तूफान की संभावना है। शिमला, कुल्लू, सिरमौर, सोलन, मंडी, चंबा, कांगड़ा, किन्नौर व लाहुल स्पीति जिलों के कुछ क्षेत्रों में भारी ओलावृष्ट हो सकती है। इस संबंध में विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया गया है। यलो अलर्ट का अर्थ है कि भारी बारिश हो सकती है।

उत्तर पाकिस्तान और जम्मू कश्मीर की ओर से सक्रिय हुई पश्चिमी हवा के कारण मौसम में यह परिवर्तन आया है। सोमवार को प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में धूप निकली। दोपहर बाद एक-दो पहाड़ी क्षेत्रों में बादल घिरे। प्रदेश के कई क्षेत्रों में सोमवार को अधिकतम तापमान में रविवार के मुकाबले एक से पांच डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा कई क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान में उछाल आया है। धर्मशाला व डलहौजी के अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट आई है।

किसान-बागवान चिंतित

बारिश के कारण प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में लोगों को राहत मिलेगी। लेकिन ऊपरी क्षेत्रों में ठंड बढ़ सकती है जिससे फसलें प्रभावित होंगी। मौसम विभाग की चेतावनी से प्रदेश में किसानों व बागवानों की चिंता बढ़ गई है। इन दिनों मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में स्टोन फ्रूट में सैटिंग हो चुकी है। सेब के बगीचों में फ्लावरिंग हो रही है। ओलावृष्टि से स्टोन फ्रूट को नुकसान हो सकता है जिसका असर इसके उत्पादन पर पड़ेगा। इसके अलावा ऊना, सिरमौर व सोलन जिलों के जिन क्षेत्रों में गेहूं व जौ की फसल तैयार है, वहां बारिश व ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। मटर, फूलगोभी, खीरा, टमाटर और शिमला मिर्च पर भी भारी बारिश व तापमान में अचानक गिरावट आने से असर पड़ेगा।  तापमान में कमी से इन फसलों की वृद्धि में कमी आएगी। मटर की फसल में फूल विकसित नहीं हो पाएंगे।  

लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी 

मौसम विभाग ने राज्य आपदा प्रबंधन विभाग को पत्र लिखा कि सभी जिलों में सावधानी बरतने के लिए कहा जाए। स्थानीय लोगों और पर्यटकों को ऊंचे क्षेत्रों में जाने पर प्रतिबंध लगाया जाए। आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के आदेश जारी करें। आपदा प्रबंधन विभाग ने सभी जिलों में सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।

ऊना में 36 डिग्री पहुंचा पारा

प्रदेश में सोमवार को अधिकतम तापमान ऊना में 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। गर्मी बढ़ने से दिन के समय लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। हालांकि प्रदेश के ऊपरी क्षेत्रों में सुबह व शाम अभी ठंड महसूस की जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय पश्चिमी हवा मंगलवार सुबह से असर दिखाना शुरू कर देगी। प्रदेश के कई क्षेत्रों में 18 अप्रैल को बारिश हो सकती है। वहीं, 19 अप्रैल से मौसम साफ होने की संभावना है।

Posted By: Babita

अब खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस, डाउनलोड करें जागरण एप