शिमला, जेएनएन। प्रदेशवासियों को अभी बारिश से राहत मिलने के आसार नहीं हैं। इस साल 30 सितंबर तक मानसून सक्रिय रहेगा। मौसम विभाग ने प्रदेशभर में शुक्रवार को भारी बारिश की चेतावनी दी है। पिछले 24 घंटों के दौरान हिमाचल प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी बारिश से भूस्खलन के कारण 57 सड़कें बंद  हैं। इनमें शिमला जोन में 29, मंडी जोन की 11 व कांगड़ा जोन की 17 सड़कें शामिल हैं। बारिश के कारण लोक निर्माण विभाग को 713 करोड़ 72 लाख का नुकसान हो चुका है। 

मौसम विभाग ने ऊना, कांगड़ा, बिलासपुर, मंडी, कुल्लू, शिमला, सोलन व सिरमौर में भारी बारिश की संभावना जताई है।वीरवार को शिमला जिला में सुबह की शुरुआत हल्की धूप के साथ हुई थी, लेकिन दिन के समय अति भारी बारिश और ओलावृष्टि से जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

भारी बारिश की वजह से विकासनगर, संजौली और नवबहार एरिया में कई लोगों के घरों के भीतर पानी भर गया। संजौली में आइजीएमसी मलबे की वजह से कई गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा है। बंगाला कॉलोनी में 10 घरों में मलबा और पानी घुसने से लाखों का नुकसान हुआ है। इन घरों में रहने वाले प्रभावितों को सराय में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा कृष्णा नगर में भी विष्णु मंदिर के पास भारी भूस्खलन हुआ है। जीरो प्वाइंट तक भूस्खलन से कई घर खाली करवा दिए गए हैं।

मौसम विभाग की मानें तो प्रदेश में इस बार 30 सितंबर तक मानसून सक्रिय रहेगा। 10 सितंबर तक राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का क्रम लगातार जारी रहेगा। इससे अधिकतम व न्यूनतम तापमान में गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग के अनुसार पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश में न्यूनतम तापमान में कोई खास परिवर्तन नहीं हुआ, जबकि अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस कम रहा। सबसे कम न्यूनतम तापमान केलंग में 10.5 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान हमीरपुर में 33.3 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

 किसानों को मिलेगा फायदा

मानसून के विदा होने में अभी तीन सप्ताह बाकी हैं। इससे किसानों व बागवानों को लाभ मिलेगा। जमीन में नमी होने से फसल के अच्छे होने की उम्मीद है।

भूस्खलन से नाहन-शिमला एनएच सात घंटे रहा बंद

नाहन शिमला नेशनल हाईवे वीरवार को पानवा के समीप भारी भूस्खलन होने से सात घंटे बंद रहा। इस कारण नाहनशिमला एनएच पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। दो दिन तक पच्छाद क्षेत्र में भारी बारिश हुई है। बुधवार सायं व वीरवार सुबह नाहन-शिमला नेशनल हाईवे पर कई जगह भारी भूस्खलन हुआ। कई स्थानों पर बड़े-बड़े पत्थर एनएच पर गिरे हैं। पानवा के समीप बुधवार रात करीब तीन बजे बड़े-बड़े पत्थर एनएच पर आने से मार्ग सात घंटे बंद रहा। सुबह साढे़ सात बजे पहुंची जेसीबी मशीन को हाईवे खोलने में करीब तीन घंटे का समय लगा। करीब साढे़ दस बजे नेशनल हाईवे वाहनों के लिए बहाल किया गया। एनएच पर पत्थर गिरने की जानकारी नाहन-नेशनल हाईवे डिविजन के अधिकारियों को लोगों ने दी। उसके बावजूद देरी से हाईवे खोलने के लिए मात्र एक मशीन भेजी गई। हाईवे बंद होने से लोगों ने वैकल्पिक रास्तों का भी इस्तेमाल किया।  

नाहन-शिमला नेशनल हाईवे के जैसे ही बंद होने की सूचना मिली, जेसीबी मशीन भेज कर हाईवे को खोलने का कार्य शुरू करवा दिया गया। करीब दस बजे हाईवे वाहनों के लिए

खोल दिया था। 

-वीके अग्रवाल,एक्सईएन नाहन डिविजन।

मनाली की चोटियों पर हिमपात

बुधवार शाम से मनाली घाटी में मूसलधार बारिश होने से जनजीवन अस्त व्यस्त है। मनाली में पहाड़ों की चोटियों पर ताजा हिमपात हुआ है, जिससे घाटी में ठंड बढ़ गई है। इस बार सर्दियों का आगाज भी समय से पहले ही हो गया है। मनाली की चोटियों सहित शिकरवे, सेवन सिस्टर पीक, मनाली पीक, लद्दाखी पीक, पतालसू पीक में ताजा हिमपात हुआ है। 15 हजार फुट से अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों ने बर्फ की सफेद चादर ओढ़ ली है। लेडी ऑफ केलंग, बारालाचा जोतर्, शिंकुला पास, कुंजम पास की चोटियों में भी बर्फ के फाहे गिरे हैं। 

Posted By: Babita