शिमला, जेएनएन। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का एक वर्ष पूरे होने पर स्वास्थ्य मंत्री विपिन परमार ने शिमला से जागरूकता पखवाड़े की शुरुआत की। इस अवसर पर पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि किडनी ट्रांसप्लांट और अन्य महंगे उपचार को इसमें शामिल किया जाएगा। इस संबंध में केंद्र को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा किडनी ट्रांसप्लांट ओर हार्ट के ऑपरेशन के लिए 3 से 5 लाख रुपये खर्च हो रहे हैं, इसलिए 5 लाख की लिमिट करवाई जाएगी, अभी ये लिमिट नहीं है।

 

अभी जो किडनी ट्रांसप्लांट हो रहे हैं मुख्यमंत्री चिकित्सा स्वास्थ्य योजना से किया जा रहा है। 20 लोगों का किडनी ट्रांसप्लांट हो रहा है। आयुष्मान योजना में हिमाचल के 22 लाख लोग कवर हैं। जिनमें से 776452 के गोल्डन कार्ड बनवा लिए हैं। जिममें इलाज के लिए 30.59 करोड़ खर्च किया गया। सबसे ज़्यादा कार्ड 170413 मंडी जिला के बने हैं। साथ ही मंडी जिला के ही सबसे ज़्यादा 6334 लाभार्थी हैं। जिस पर 6,05,81,103 रुपये खर्च हुए हैं। सबसे कम कार्ड लाहुल-स्‍पीति में 848 कार्ड बने हैं, जिससे 174 लोगों ने लाभ उठाया व 8,65,550 रुपये इस पर खर्च हुए।

 

विपिन परमार ने बताया जो लोग आयुष्मान से छूट गए, उन्‍हें हिम केयर योजना से जोड़ा गया। हिम केयर में 642709 लाभार्थी पंजीकृत हुए हैं। जिसमें 1 जनवरी से 14 सिंतबर तक 37043 लाभार्थियों ने 37.48 करोड़ रुपए निशुल्क ईलाज का लाभ उठाया। प्रदेश में योजना के तहत 199 अस्पताल पंजीकृत हैं, जिनमें 52 अस्पताल निजी क्षेत्र के हैं। गुर्दा प्रत्यारोपण भी इसी में शामिल करने की योजना है। 30 सिंतबर को दिल्ली में पीएम की मौजूदगी में इन योजनाओं का अवलोकन भी किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री स्वास्थ्य कोष से 150 मरीजों के ईलाज पर 3.5 करोड़ ख़र्च किया।

Posted By: Rajesh Sharma

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