शिमला, राज्य ब्यूरो। नदी-नालों से 100 मीटर के दायरे में स्थापित स्टोन क्रशरों पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूल (एनजीटी) की रोक को सरकार हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती देगी। सदन में यह जानकारी उद्योग मंत्री बिक्रम ¨सह ठाकुर ने नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया के सवाल पर दी। विधायक मंत्री के उत्तर से संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने इसी मुद्दे पर अलग से भी चर्चा मांगी है। हालांकि पठानिया के सवाल पूछने की तरीका वैसा धारदार नहीं रहा, जैसा अमूमन रहता है। उन्होंने सरकार की बजाय उद्योग मंत्री को घेरा। राकेश पठानिया ने सवाल पूछा था कि क्या सरकार एनजीटी के आदेश के खिलाफ सुप्रीमकोर्ट जाएगी या नहीं? मंत्री ने जवाब में नहीं कहा। पठानिया ने कहा कि अब सरकार सुप्रीमकोर्ट नहीं जाएगी तो फिर एनीजीटी के आदेश पर अमल कब तक करेगी?

एजी ने दी है हाईकोर्ट जाने की सलाह

उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ठाकुर ने कहा कि एडवोकेट जनरल (महाधिवक्ता) ने एनजीटी के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि सरकार गैर कानूनी क्रशरों के खिलाफ है। इनके खिलाफ कड़ी कारवाई होगी, लेकिन कानूनी तरीके से चल रहे क्रशरों को राहत देने की कोशिश की जाएगी। नालागढ़ के विधायक लख¨वद्र राणा ने सवाल उठाया कि कि उनके क्षेत्र में नदियों के बीच दो-दो क्रशर लगे हैं। क्या सरकार इन पर कार्रवाई करेगी? मंत्री ने कहा कि एनजीटी ने उन क्रशरों पर भी पाबंदी लगाई है, जहां 100 मीटर के दायरे में केवल 15 दिन तक ही पानी रहता है।

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