शिमला, राज्य ब्यूरो। सरकार ने अनुबंध कर्मियों को करारा झटका दिया है। उन्हें वरिष्ठता में अनुबंध सेवाकाल का लाभ नहीं मिलेगा। जब वे नियमित होंगे, तभी से वरिष्ठता गिनी जाएगी। रेणुका के विधायक विनय कुमार के सवाल के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकारी सेवा में कार्यरत सभी कर्मचारियों को वरिष्ठता उनकी नियमितीकरण की तिथि से दिए जाने का प्रावधान है। नियमित के विपरीत अनुबंध आधार पर नियुक्त कर्मचारियों पर विभिन्न सेवा संबंधित नियम लागू नहीं होते हैं। संविदात्मक नियुक्ति (कन्ट्रेक्चुअल अप्वाइंटमेंट) की शर्तो के अनुसार यह एक अस्थायी व्यवस्था है। इसे हर साल सशर्त बढ़ाया जाता है। अनुबंध पर दी गई सेवा अवधि को वरिष्ठता लाभ दिया जाना प्रशासनिक रूप से तर्कसंगत नहीं है।

क्या पूछा था सवाल

रेणुका के विधायक विनय कुमार ने सवाल पूछा था कि प्रदेश के विभिन्न विभागों में अनुबंध से नियमित हुए कर्मचारियों को अनुबंध नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता देने का सरकार विचार रखती है? यदि हां, तो कब तक? यदि नहीं तो कारण बताएं?

क्या है मांग

अनुबंध कर्मी अरसे से मांग कर रहे हैं कि उनके अनुबंध सेवाकाल को वरिष्ठता में गिना जाए। पूर्व कांग्रेस सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। अब मौजूदा सरकार भी इस मांग को नहीं मान रही है।

कितने हैं अनुबंध कर्मी

वर्तमान में करीब 40 हजार अनुबंध कर्मी हैं। सरकार की नीति के अनुसार ये तीन साल के सेवाकाल के बाद नियमित होते हैं। पीटीए शिक्षकों का तीन साल का कार्यकाल पिछले साल पूरा हो गया था, लेकिन वे अभी तक नियमित नहीं हो पा रहे हैं।

मुख्यमंत्री का बयान निराशाजनक है। अनुबंध से नियमित कर्मचारियों को नियुक्ति की तिथि से वरिष्ठता देने में कैसी अड़चन है, जिसे सरकार दूर नहीं कर सकती है। नियम बनाना और उनमें संशोधन करना सरकार के हाथ में है। सरकार ने विभिन्न कर्मचारियों को लाभ देने के लिए कई बार नियमों में संशोधन किया है। जब बात अनुबंध और अनुबंध से नियमित कर्मचारियों की आती है तो नियमों का हवाला देकर टाल दिया जाता है। -मुनीष गर्ग, अध्यक्ष, अनुबंध नियमित कर्मचारी संघ हिमाचल प्रदेश।

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