जागरण संवाददाता, शिमला : शहर के मेयर व डिप्टी मेयर पद के चुनाव के अगले ही दिन शिमला भाजपा में बगावती सुर दिखने लगे हैं। वरिष्ठ पार्षद व शिमला मंडल के महामंत्री संजीव ठाकुर ने वार्ड में लोगों के साथ बैठक की। इस दौरान वार्ड के सभी त्रिदेवों ने अपनी निजी व्यस्तता बताते हुए पार्टी की ओर से दी गई जिम्मेदारियों को छोड़ने का फैसला लिया।

संजीव ठाकुर ने कहा कि वह शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज की ओर से की गई अनदेखी से आहत हूं, इसलिए भाजपा के महामंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं। शिक्षा मंत्री के अलावा उन्हें मेयर बनाने के लिए किसी को आपत्ति नहीं थी। उनकी सरकार व संगठन से कोई नाराजगी नहीं है। वह पार्टी की मजबूती के लिए आगे अभी कार्य करते रहेंगे।

संजीव ठाकुर के अलावा छह बूथ अध्यक्षों व छह ही पालकों ने भी पदों से त्यागपत्र दे दिए हैं। सभी नेताओं ने संयुक्त बयान में कहा कि सभी महज पार्टी की जिम्मेदारियां छोड़ रहे हैं, भविष्य में हम सब पार्टी में कार्यकर्ता की भूमिका में पार्टी हित में कार्य करते रहेंगे।

इस मौके पर चेतन सूद, रजत, युवा मोर्चा जिला शिमला के उपाध्यक्ष श्रवण शर्मा, प्रदीप दास, नरेश कुमार, सुरेश सोनी, नीरज सूद, अजय पराशर, जसविद्र सिंह, सुशील शर्मा, रोहित सचदेवा, विमल टंडन, विकास, गुलाबा राम और रतन शर्मा मौजूद रहे। इसलिए है भाजपा से नाराजगी

शहर में मेयर पद के लिए रुल्दूभट्टा वार्ड के पार्षद संजीव ठाकुर का मजबूत दावा था। वरिष्ठता में भी वह आगे थे। इनका परिवार वार्ड से लगातार चौथी बार भाजपा को जीत दिलाकर निगम के हाउस में पहुंचा है। संजीव ठाकुर दो तो उनकी पत्नी सरोज ठाकुर भी दो बार पार्षद रही हैं। इस वरिष्ठता के आधार पर मेयर पद के लिए दावा किया गया था। इस बार मेयर का पद आरक्षित भी सामान्य वर्ग के लिए था, इसलिए किसी पुरुष की ताजपोशी की डिमांड उठ रही थी। मंत्री से पहले से है टकराव

शहर में विधानसभा चुनाव से पहले ही दोनों के बीच में टकराव की स्थिति है। विधानसभा चुनाव के दौरान शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के साथ पार्षद संजीव ठाकुर ने भी टिकट के लिए दावा किया था। इसके बाद से दोनों के बीच में टकराव की स्थिति पैदा हो गई थी।

Posted By: Jagran

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