जागरण संवाददाता, शिमला : शहर में गारबेज कलेक्शन को आउटसोर्स करने की योजना शुरू होते ही हांफने लगी है। टूटीकंडी वार्ड के कई हिस्सों में पांच दिन से कूड़ा नहीं उठ पा रहा है। वहीं, दूसरी तरफ नियमित कूड़ा पूरे वार्ड में नहीं उठाया जा रहा है। टूटीकंडी वार्ड के हरीनगर, बाल आश्रम, जुहु आदि क्षेत्रों में पंाच दिन से कूड़ा उठाने वाला नहीं आया है। लोगों को मजबूरी में खुले में कूड़ा फेंकना पड़ रहा है। असल में कंपनी के पास स्टाफ कम है। इस वजह से कूड़ा नियमित नहीं उठ पा रहा है। नगर निगम ने जो एग्रीमेंट कंपनी के साथ किया है उसके मुताबिक 200 घरों से एक व्यक्ति कूड़ा उठाएगा, लेकिन शहर में घरों की स्थिति इससे कहीं अधिक है। वहीं, कंपनी को और स्टाफ ही नहीं मिल रहा है। शिमला शहर के पांच वार्डो में नगर निगम ने कूड़ा उठाने की व्यवस्था आउटसोर्स की है। एक सितंबर से व्यवस्था शुारू कर दी गई है, लेकिन लोगों का विरोध शुरू में हो गया।

शिमला शहर के पाच वार्डो में डोर-टू-डोर गारबेज कलेक्शन का काम आउटसोर्स किया गया। निगम प्रशासन ने इसके लिए मंडी की कंपनी के साथ एग्रीमेंट किया है। इन वार्डो टुटू, मज्याठ, बालूगंज, कच्चीघाटी और टूटीकंडी शामिल हैं। यदि कंपनी सही तरीके से कार्य नहीं करती है तो उसके खिलाफ जुर्माना भी लगाया जाएगा। नगर निगम का विचार था कि योजना सही होने पर पूरे शहर में सफाई व्यवस्था को आउटसोर्स किया जाएगा। अब इस पर संशय पैदा हो गया है।

-----

अभी नियमित तो कूड़ा उठ नहीं रहा है। थोड़ा समय लगेगा। एक सितंबर से यह व्यवस्था शुरू हुई है। अगर भविष्य में नियमित कूड़ा नहीं उठा तो अवश्य मांग उठाई जाएगी।

-दीवाकर देव शर्मा, पार्षद मज्याठ।

------

पांच दिन से वार्ड के हिस्सों से कूड़ा नहीं उठ रहा है। अगर ऐसी ही व्यवस्था जारी रही तो पहले की व्यवस्था सही थी। हम तो फोन करके थक गए हैं। लोग खुले में कूड़ा फेंकने को मजबूर हो चुके हैं।

-आनंद कौशल, पार्षद टूटीकंडी।

----------

स्टाफ पूरा है, लेकिन अभी लेबर को ठहरने में दिक्कत आ रही है। वहीं कई क्षेत्रों में अधिक घर हैं तो अतिरिक्त स्टाफ रखा जाएगा। हर घर से कूड़ा उठाना हमारी प्राथमिकता है। लोग अपनी शिकायत हमारे नंबरों पर कर सकते हैं। अभी शुरुआत है तो थोड़ी दिक्कत जरूर पेश आ रही है। एग्रीमेंट के मुताबिक 200 घरों पर एक गारबेज कलेक्टर की नियुक्ति करने को कहा गया। उस हिसाब से पांच वार्डो में 50 के करीब कर्मचारी कार्य कर रहे हैं।

-मनीष कौशल, ठेकेदार।

--------

नगर निगम ने इसलिए बनाई है योजना

निगम में सफाई व्यवस्था संभाल रहे सैहब सोसायटी के कर्मचारी अपनी मागों को लेकर हड़ताल पर चले गए थे। इसके बाद निगम ने शहर में सफाई व्यवस्था को पार्षदों की माग पर आउटसोर्स करने का निर्णय लिया था। इसके अलावा डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन में घोटाला सामने आया था। इस पर 10 सैहब सुपरवाइजरों को निकाला गया था।

Posted By: Jagran