जागरण संवाददाता, शिमला : इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आइजीएमसी) शिमला में दूसरे चरण के 50 फीसद डाक्टर सोमवार से अवकाश पर होंगे। पहले चरण के अवकाश पर गए डाक्टर सोमवार को लौट जाएंगे। अस्पताल में 23 विभागों के 168 डाक्टर शीतकालीन अवकाश पर जा रहे हैं। यदि आप अस्पताल में इलाज के लिए सोमवार को आ रहे हैं तो डाक्टर अस्पताल में है या नहीं, इसका पता करने के बाद ही आएं।

हालांकि अस्पताल प्रशासन का कहना है कि मरीजों को डाक्टरों के छुट्टी पर जाने से किसी प्रकार की समस्या न आए, इसके लिए प्रबंध किए गए हैं। आइजीएमसी प्रशासन का कहना है कि अगर कोरोना के और ज्यादा मामले शिमला में आते हैं तो डाक्टरों की छुट्टियों को आगे शिफ्ट किया जाएगा। इसके बाद ही डाक्टरों को छुट्टियों से बुलाने का फैसला लिया जा सकता है। हालांकि अभी कोरोना के मामले नियंत्रित हैं। अस्पताल पर ज्यादा भार नहीं है। मरीजों को किसी प्रकार की दिक्कत न आए, इसके लिए उनके पास 50 फीसद स्टाफ है। मरीजों को बिना इलाज नहीं जाना पड़ेगा। जिस तरह अस्पताल में पहले मरीजों का उपचार हो रहा था, उसी तरह से सुविधा मिलती रहेगी। सभी को उचित व्यवस्था के निर्देश दे दिए हैं।

- डा. सुरेंद्र सिंह, प्रिसिपल, आइजीएमसी शिमला। रोजाना रहती है 2500 से 3000 तक ओपीडी

प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आइजीएमसी में शिमला सहित अन्य जिलों से लोग इलाज के लिए आते हैं। आइजीएमसी में रोजाना 2500 से 3000 तक लोग इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल में डाक्टर व अधिकारी भी मरीजों को सलाह दे रहे हैं कि डाक्टरों की छुट्टियां होने के चलते रूटीन में जो लोग जांच के लिए आते हैं वे इस दौरान न आएं। महज गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज ही इलाज के लिए पहुंचे।

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