विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बैठक का एजेंडा, हाजिरी से लेकर ई-हस्ताक्षर तक... हिमाचल में लॉन्च हुआ देश का पहला हिम ई-पंचायत प्रोसीडिंग सिस्टम पोर्टल

Published: Fri, 25 Sep 2026 05:47 PM (IST)

हिमाचल प्रदेश ने हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम पोर्टल लॉन्च किया है, जिससे वह पंचायत बैठकों की कार्यवाही को डिजिटल करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है।

पोर्टल का शुभारंभ करते ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह। फोटो जागरण

पोर्टल का शुभारंभ करते ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह। फोटो जागरण 

HighLights

  1. हिमाचल बना ई-पंचायत प्रोसिडिंग पोर्टल लॉन्च करने वाला पहला राज्य।

  2. ग्राम पंचायत से जिला परिषद तक की बैठकें होंगी ऑनलाइन दर्ज।

  3. एजेंडा, हाजिरी, कोरम और फैसले अब डिजिटल रिकॉर्ड में।

राज्य ब्यूरो, शिमला। हिमाचल की पंचायतों में बैठकों के नाम पर होने वाली कागजी खानापूर्ति अब आसानी से छिप नहीं सकेगी। ग्राम पंचायत से लेकर पंचायत समिति और जिला परिषद तक की बैठकों का एजेंडा, सदस्यों की उपस्थिति, कोरम, निर्णय और पूरी कार्यवाही अब डिजिटल रिकार्ड में दर्ज होगी।

ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग ने हिम ई-पंचायत प्रोसिडिंग सिस्टम पोर्टल शुरू कर पंचायतों की कार्यवाही को कागज से निकालकर डिजिटल प्लेटफार्म पर लाने की शुरुआत की है। हिमाचल प्रदेश ई पंचायत प्रो‍सीडिंग पोर्टल लांच करने वाला पहला राज्‍य बना है।

शुक्रवार को डा. मनमोहन सिंह हिमाचल प्रदेश लोक प्रशासनिक संस्थान में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय स्तरीय ओरिएंटेशन कार्यशाला में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने पोर्टल का शुभारंभ किया। मंत्री ने दावा किया कि हिमाचल देश का पहला राज्य है, जिसने पंचायत बैठकों की कार्यवाही के लिए इस तरह का पोर्टल शुरू किया है।

हाजिरी से लेकर ई-हस्ताक्षर तक रिकॉर्ड

पोर्टल पर पंचायत बैठक से पहले एजेंडा दर्ज किया जा सकेगा। बैठक के दौरान प्रधान, उपप्रधान, वार्ड सदस्यों और ग्राम सभा सदस्यों की उपस्थिति ऑनलाइन दर्ज होगी। बैठक के लिए जरूरी कोरम पूरा हुआ या नहीं, इसकी स्थिति भी सिस्टम में दर्ज की जा सकेगी। बैठक की कार्यवाही तैयार होने के बाद ई-हस्ताक्षर से उसे डिजिटल रूप दिया जाएगा।

इससे बाद में बैठक में कौन आया, क्या निर्णय हुआ और किस प्रस्ताव पर क्या कार्रवाई हुई, इसका रिकॉर्ड तलाशने के लिए पंचायत कार्यालय की पुरानी फाइलें खंगालने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंचायतों के निर्णयों से जुड़े विवाद और न्यायालयीन मामले सामने आते रहे हैं।

नियमों और प्रक्रियाओं की सही जानकारी के अभाव में बजट का समुचित उपयोग भी नहीं हो पाता। ई-पंचायत सिस्टम के माध्यम से बैठकों की कार्यवाही को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप रखने में मदद मिलेगी।