नेरवा, संवाद सूत्र। कुपवी बाजार में सोमवार रात भीषण अग्निकांड में दो मंजिला मकान और आठ दुकानें राख हो गईं। दुकानों और मकान में रखा सारा सामान जल गया है। करीब 34 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है। गैस सिलेंडर फटने से आग ने भयंकर रूप धारण कर लिया और उसे बुझाया नहीं जा सका। गनीमत यह है कि अग्निकांड में जानी नुकसान नहीं हुआ।

 

आग रात करीब 12 बजे भड़की और लकड़ी की बनी दुकानों व मकान में तेजी से फैल गई। आग लगने के बाद मकान व दुकानों के अंदर रखे गैस के सिलेंडर फट गए। आग लगने का पता चलते ही बाजार में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अमला और लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया। बाद में आग बुझा ली गई, लेकिन तब तक कई दुकानें व एक मकान राख के ढेर में तबदील हो चुका था। हालांकि

देर से अग्निशमन विभाग के कर्मचारी भी पहुंचे, लेकिन उस समय आग बुझा ली गई थी।

 

चौपाल के पूर्व विधायक डॉ. सुभाष चंद मंगलेट, एसडीएम चौपाल अनिल चौहान, एडीएसपीओ चौपाल संतोष शर्मा, बीडीओ चौपाल निशांत शर्मा, तहसीलदार कुपवी अमित कुमार शर्मा व एसएचओ कुपवी कमल शर्मा व कर्मचारी मौके पर पहुंच गए थे। वहीं, आइपीएच विभाग ने तत्परता दिखाते हुए बाजार की सभी पाइप लाइनों की सप्लाई खोल दी। आग बुझाने के लिए स्थानीय लोगों की टंकियों से भी पानी का इस्तेमाल किया गया। इससे आग को और अधिक फैलने से रोक लिया। यदि समय पर आग पर काबू नहीं पाया जाता तो और अधिक नुकसान हो सकता था। आग लगने के कारण का अभी तक पता नहीं चल पाया है।

 

तहसीलदार अमित कुमार शर्मा ने बताया कि तकरीबन 34 लाख रुपये के नुकसान का अनुमान है, जिस व्यक्ति का मकान जला है उसे प्रशासन की ओर से दस हजार रुपये फौरी राहत दी गई है, जबकि अन्य के नुकसान का आकलन किया जा रहा है। पूर्व विधायक सुभाष मंगलेट ने घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है व प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट की है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावितों को

यथासंभव मदद प्रदान की जाए।

 

100 किलोमीटर दूर है अग्निशमन कार्यालय 

कुपवी से चौपाल स्थित अग्निशमन विभाग के कार्यालय की दूरी 100 किलोमीटर दूर है। अग्निकांड की सूचना मिलने के बाद विभाग के कर्मचारियों को मौके पर पहुंचने के लिए तीन घंटे का समय लग गया है। दूरी अधिक होने से फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंच पाई, जब तक अग्निशमन वाहन घटनास्थल पर पहुंचा लोग आग पर काबू पा चुके थे और लाखों की संपत्ति जल चुकी थी। स्थानीय लोगों ने भविष्य में ऐसी घटना से बचने के लिए प्रशासन से क्षेत्र में अग्निशमन कार्यालय खोलने की मांग की है।

 

नौ परिवार प्रभावित 

इस अग्निकांड ने नौ परिवारों को प्रभावित किया है। एक परिवार से सर्द रातों में सिर से छत छिन गई है, जबकि आठ परिवारों पर रोजी-रोटी का संकट आ गया है। वहीं, प्रशासन से मिलने वाली राहत भी इनके लिए बहुत कम होगी। राख के ढेर में तबदील हुए मकान व दुकानों को देख प्रभावित अपने आंसू नहीं रोक पाए। 

 

यह भी पढ़ें: कोटखाई मामला: सीबीआइ ने हाईकोर्ट में दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट

 

Posted By: Babita Kashyap

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस