राज्य ब्यूरो शिमला : शिक्षा निदेशालय में जगह-जगह लगे बेकार हो रहीं फाइलों से अब कागज बनेगा। इस संबंध में प्रारंभिक और उच्च शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों ने कवायद शुरू कर दी है। निदेशालय में शिक्षा सचिव के औचक निरीक्षण के बाद यह कदम उठाया गया है।

उच्च निदेशालय के बरामदे से लेकर सीढि़यों के नीचे खाली जगह में बेकार हो चुकी फाइलों के ढेर लगाकर रखे गए हैं। ऐसे में अब इन सबसे निजात पाने के लिए इन फाइलों को रिसाइकिल कर कागज बनाया जाएगा। इस कागज को निदेशालय में सभी कर्मचारी प्रयोग करेंगे। इससे शिक्षा निदेशालय का पैसा तो बचेगा ही, साथ ही पर्यावरण को कोई नुकसान भी नहीं होगा। शिक्षा सचिव के औचक निरीक्षण के बाद दोनों निदेशालयों के आलाधिकारी बेकार हो चुकी फाइलों के ढेरों को ठिकाने लगाने के प्रयास करने में जुट गए हैं। बेकार फाइलों को ठिकाने लगाने के लिए कुछ समय पहले भी शिक्षा निदेशालय ने परवाणू में स्थित एक कंपनी से बात की थी। इन फाइलों को परवाणू तक पहुंचाने और वहां से कागज बनने के बाद उसे निदेशालय तक लाने का खर्चा अधिक पड़ने के कारण इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। अब पिछले सप्ताह शिक्षा विभाग के सचिव द्वारा औचक निरीक्षण करने के बाद बेकार हो चुकी फाइलों से कागज बनाने की योजना सिरे चढ़ाने के लिए फिर से काम शुरू कर दिया गया है। शिक्षा निदेशालय के अधिकारियों ने सचिवालय में बेकार फाइलों से कागज बनाने के प्लांट में फाइलों को भेजने की योजना बनाई। पिछले कुछ दिनों से सचिवालय का यह प्लांट खराब होने के कारण फाइलों के ढेर को वहां नहीं भेजा जा रहा है। अब शिक्षा निदेशालय इस प्लांट के ठीक होने का इंतजार कर रहा है। उच्च शिक्षा निदेशालय के परिसर में लगे ढेर में सबसे अधिक बेकार की फाइलें प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय का नया भवन बनने के बाद उन्होंने अपनी बेकार हो चुकी फाइलों के ढेर उच्च शिक्षा निदेशालय के परिसर में लगवा दिए थे। बाद में ये ढेर उठाने के बजाये वहीं लगे रहने दिए गए।

By Jagran