शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल के डिपुओं में राशन के दाम तो नहीं बढ़े लेकिन प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों से हजारों रुपये का बिल आने के कारण डिपोधारक व लोग इन दिनों परेशान हैं। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कर्मियों की गलती डिपोधारकों व उपभोक्ताओं पर भारी पड़ रही है।

अगस्त में राशन खरीदने पर बिल 400 रुपये आता था। अब उसी राशन का बिल 15 से 20 हजार रुपये आ रहा है। इस कारण शिमला जिला में कई डिपोधारकों ने सस्ता राशन देना बंद कर दिया है। लोगों को बिना राशन लौटने को मजबूर होना पड़ रहा है। डिपुओं में लोगों को किलोग्राम के हिसाब से राशन दिया जाता है जबकि पीओएस मशीन में राशन के दाम क्विंटल में फीड किए गए हैं। इस कारण जो दाल 30 रुपये किलोग्राम है, उसका बिल एक दर्ज करने पर तीन हजार रुपये आ रहा है।  ऐसे में डिपोधारकों ने डिपो तो खोले हैं लेकिन राशन देना बंद कर दिया है।

आखिर 400 रुपये के सामान के 15 से 20 हजार रुपये कौन देगा? वहीं, बिल की राशि कम लेने पर उसे कौन भरेगा? डिपोधारकों को अब खाद्य आपूर्ति कार्यालय के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। लोगों को डिपो में राशन होने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।

जल्द दूर होगी दिक्कत

जांच की जाएगी कि ऐसा क्यों हुआ। लोगों की परेशानी को जल्द दूर किया जाएगा। इस तरह की समस्या किस स्तर पर आई है, इसकी भी जांच होगी।

मदन चौहान, निदेशक, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग

Posted By: Babita