जागरण संवाददाता, शिमला : प्रदेश के सरकारी स्कूलों के बच्चों को अब योग व खेल निरोग तो बनाएंगे ही साथ में अंक भी दिलाएंगे। नई शिक्षा नीति के तहत परीक्षा पैटर्न में बदलाव से यह संभव होगा। बुधवार को शिमला स्थित राज्य सचिवालय में आयोजित बैठक में सरकार ने परीक्षा पैटर्न में बदलाव को मंजूरी दी है। अधिसूचना जारी करने से पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से बैठक होगी। शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में शिक्षा सचिव राजीव शर्मा, शिक्षा निदेशक व बोर्ड के चेयरमैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। पहली से जमा कक्षा तक का परीक्षा पैटर्न बदला जाएगा।

शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि बोर्ड ने अंकों के निर्धारण का फार्मूला तैयार कर लिया है। 10वीं और जमा दो कक्षाओं की दो बार परीक्षाएं होंगी। बोर्ड ही परीक्षा करवाएगा और परिणाम भी तैयार करेगा। जबकि नौवीं और जमा एक के पेपर बोर्ड तैयार करेगा और शिक्षा विभाग परिणाम तैयार करेगा। प्रथम व द्वितीय टर्म की परीक्षा के अंकों को भी वार्षिक परीक्षा में आधार बनाया जाएगा।

तीसरी, पांचवीं और आठवीं कक्षाओं की परीक्षाओं के लिए प्रश्नपत्र बोर्ड तैयार करेगा। जबकि मूल्यांकन विभाग करेगा। बच्चों को तनाव मुक्त रखकर हैप्पीनैस लेवल बढ़ाने के लिए पढ़ाई के साथ अन्य गतिविधियों को भी अंकों का आधार बनाने का निर्णय लिया है। योग व खेल के तीन, विषय आधारित गतिविधि के तीन, स्वच्छता, पर्यावरण, सांस्कृतिक, स्किल जैसे कार्यक्रमों के चार, राष्ट्रीय गान, राष्ट्रीय गीत और प्रार्थना में भाग लेने के दो, स्किल के दो, हाजिरी के दो, अनुशासन के दो, अभिभावकों की सहभागिता के दो, नैतिक शिक्षा व बायोग्राफी के दो व सामान्य व्यवहार केदो अंक निर्धारित किए गए हैं।

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गांव को गोद लेंगे बच्चे

नौवीं और दसवीं के विद्यार्थियों का पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों में भाग लेना अनिवार्य होगा। इसके उन्हें अंक मिलेंगे। स्कूल गांव को गोद लेगा। गांव में जाकर लोगों को स्वच्छता, पर्यावरण व अन्य योजनाओं के बारे में कैसे लाभ उठाना है इसकी जानकारी दी जाएगी। गांव के आसपास के क्षेत्रों का इतिहास भी जानेंगे। बैठक में इसे मंजूरी दे दी गई है।

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शिक्षक भर्ती जल्द शुरू करने के आदेश

शिक्षा मंत्री ने शिक्षकों के पदों को भरने की प्रक्रिया जल्द शुरू करने को कहा। बैठक में एसएमसी और कंप्यूटर शिक्षकों का मामला भी उठा। विभाग ने कहा कि दोनों मामले अभी कोर्ट में विचाराधीन हैं। विधि विभाग से राय ली जा रही है।

Edited By: Jagran