राज्य ब्यूरो, शिमला : अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ में शह और मात का खेल आरंभ हो गया है। शिक्षा विभाग से ताल्लुक रखने वाले अश्विनी ठाकुर को महासंघ का अध्यक्ष प्रोजेक्ट करना विनोद गुट को रास नहीं आ रहा है। इस धड़े ने राज्य कार्यकारिणी के समानांतर चुनाव करवाने का ऐलान किया है। इसके जरिये संगठन ने मुख्यमंत्री कार्यालय को भी चुनौती दे दी है। मुख्यमंत्री के निर्देश मानने से इन्कार कर दिया है।

उधर, महासंघ के मौजूदा अध्यक्ष सुरेंद्र ठाकुर की अध्यक्षता में सोमवार को एक अहम बैठक होगी। इसमें छह सितंबर को स्थगित किए गए राज्य चुनाव की अगली तारीख तय होगी। इसके लिए कमेटी गठित की गई है। यह कमेटी चुनाव के बारे में कर्मचारियों की एक राय बनाएगी।

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सीएम कार्यालय तय नहीं करेगा सरदारी कर्मचारी परिसंघ से महासंघ में आए विनोद कुमार ने रविवार को शिमला में अपने गुट की। यह बैठक हंगामेदार रही। इसमें कई कर्मचारी नेताओं का मानना था कि मौजूदा हालत में सरकार और महासंघ के पदाधिकारियों से बातचीत होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने कमेटी गठित की सलाह दी। इसमें जिलों से अध्यक्षतों, महासचिवों ने शिरकत की।

बैठक के बाद विनोद गुट के नेताओं ने तदर्थ कमेटी के अध्यक्ष ने सुरेंद्र ठाकुर एवं उनकी टीम पर जोरदार प्रहार किए। महासंघ के मुखिया को षडयंत्रकारी और अश्विनी ठाकुर को मोहरा करार दिया। उन्होंने कहा कि राज्य कार्यकारिणी के चुनाव के बाद इनके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। इन्हें बेनकाब किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों का हिडन एजेंडा है। ये अपने स्वार्थो की पूर्ति कर रहे हैं। अपने आप को सरकार की ताकत बताते हैं और साथ ही सरकार ने अपने लिए पद भी मांगते हैं। टीम विनोद एक महीने के भीतर चुनाव करवाएगी। इसके लिए अधिसूचना जारी करेगी। दूसरे किसी भी खेमे के चुनाव स्वीकार नहीं होंगे। दरअसल पत्रकार वार्ता के माध्यम से इस टीम ने शक्ति प्रदर्शन करना चाहा।

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कुछ लोग कीचड़ उछाल रहे हैं। मैं व्यक्ति विशेष की वजह से कामगार कल्याण बोर्ड का अध्यक्ष नहीं बना हूं। अभी ज्वाइनिंग नहीं की है। कुछ औपचारिकताएं रही हैं। मेरी सिफारिश बीएमएस ने की थी। मैंने कोई आवेदन नहीं किया था। महासंघ में कर्मचारियों की एकता के लिए प्रयासरत हूं।

-सुरेंद्र ठाकुर, प्रदेशाध्यक्ष अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ

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बहुसंख्यक कर्मचारी मेरे साथ हैं। वरिष्ठ नेताओं के कहने पर चुनाव स्थगित किए है। ऐसा कर्मचारियों की एकजुटता के लिए किया गया है। सुरेंद्र ठाकुर ने हमेशा ही महासंघ की मर्यादाओं में रहकर कार्य किया है। विनोद कुमार न तो सिस्टम को मानते हैं और न ही सरकार और अधिकारियों को। वह अपने बागवानी विभाग में भी चुनाव नहीं जीत पाए हैं।

-अश्विनी ठाकुर, कर्मचारी नेता

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हारे और नकारे हुए नेता गैर शिक्षक महासंघ के प्रदेश महासचिव विनोद चौहान, शिक्षा निदेशालय इकाई के महामंत्री देवेंद्र चौहान ने कहा कि विनोद कुमार स्वयंभू नेता हैं। वह हारे-नकारे हुए नेताओं को साथ लेकर चले हैं। वह केवल बयानबाजी करते हैं, उनके साथ कर्मचारी नहीं हैं।

Posted By: Jagran