राज्य ब्यूरो, शिमला : राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ ने प्रदेश सरकार के उस प्रस्ताव का विरोध किया है जिसमें 66 केवी व इससे ऊपर के विद्युत उपकेंद्रों को प्रदेश ऊर्जा संचार निगम को हस्तांतरण करने की प्रक्रिया चल रही है। संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि इस तरह के सभी प्रस्ताव पर तुरंत रोक लगाई जाए। निर्णय वापस न लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।

बिजली कंपनी के दोबारा पुनर्गठन का प्रस्ताव सरकार के पास विचारधीन है। इसके तहत बिजली बोर्ड की 1200 करोड़ से अधिक की संपत्ति की संचार लाइनों व विद्युत उपकेंद्रों को हिमाचल प्रदेश ऊर्जा संचार निगम व परियोजना विंग को हिप्र पॉवर कॉरपोरेशन को हस्थानातरित करना प्रस्तावित है।

पहले चरण में हाई वोल्टेज के 12 उपकेंद्रों में 220 केवी विद्युत उपकेंद्र जिनमें कुनिहार, गिरीनगर, जसूर, हमीरपुर, बदी, अम्ब, कांगू, नंगल, कालाअंब, अणु को दिया जा रहा है जबकि 66 केवी के संसारपुर टैरेस, ग्वालथाई पर फैसला अंतिम चरण पर है।

बिजली बोर्ड के पुनर्गठन के समय सभी हाई वोल्टेज की अंतरराज्यीय लाइनों को पहले ही ऊर्जा संचार निगम को हस्तांतरित किया जा चुका है। प्रदेश की विद्युत वितरण प्रणाली से जुड़ी सभी हाई वोल्टेज की प्रणाली को विद्युत उपभोक्ताओं को बिजली बोर्ड के पास ही रखा गया। इस संचार प्रणाली को बोर्ड से अलग किया जाता है तो इसका सीधा-सीधा असर विद्युत उपभोक्ताओं पर पडेगा। इससे बिजली दरों में भारी बढ़ोतरी होने की आशंका जताई जा रही है।

---------------

प्रदेश सरकार के इस निर्णय का यूनियन कड़ा विरोध करती है और इस संबंध में में राज्य पदाधिकायिों की अपातकालीन बैठक बुलाई गई है। इसमें अगामी रणनीति बनाई जाएगी। प्रदेश सरकार इस प्रस्ताव पर समय रहते रोक नहीं लगाती तो यूनियन बडे संघर्ष का बिगुल भी बजा सकती है।

-हीरा लाल वर्मा

महासचिव, प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ

--------------

सुनियोजित तरीके से बिजली बोर्ड के संचार विंग, परियोजना विंग व उत्पादन विंग को अलग करने की साजिश रची जा रही है। बोर्ड की कुल 6000 करोड़ की संपत्तियों में से लगभग 4000 करोड़ की संपत्ति इन विंगों में है। इनके अलग होने से बोर्ड के पास मात्र 2000 करोड़ की संपत्ति रह जाएगी। इस तरह के फैसलों से बोर्ड के कर्मचारियों की सेवाएं बुरी तरह से प्रभावित होंगी और इसके 23000 पेंशनरों की समाजिक सुरक्षा भी खतरे में पड़ेगी।

-कुलदीप सिंह खरवाड़ा, प्रदेशाध्यक्ष बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ

Posted By: Jagran