यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एक घंटा बढ़ेगा स्कूलों का समय
विभाग का दावा है कि समय अवधि बढऩे से शिक्षा में गुणवत्ता आएगी और बच्चों को ज्यादा समय स्कूल में पढऩे के लिए मिलेगा।

शिमला, राज्य ब्यूरो। शिक्षा विभाग ने स्कूलों का समय एक घंटा बढ़ाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए विभाग ने प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को भेजा है। स्कूलों में समय अवधि बढ़ाने का कारण परीक्षा परिणाम बेहतर न निकल पाना है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा देने के लिए सरकार और शिक्षा विभाग ने कई योजनाएं चला रखी हैं।
इसके बावजूद शिक्षक स्कूलों का परीक्षा परिणाम बेहतर नहीं निकाल पा रहे हैं। इस योजना के लागू होते ही सरकारी स्कूलों में बच्चों को छह घंटे की बजाय सात घंटे पढ़ाया जाएगा। विभाग का दावा है कि समय अवधि बढऩे से शिक्षा में गुणवत्ता आएगी और बच्चों को ज्यादा समय स्कूल में पढऩे के लिए मिलेगा।
अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा डॉ. एजेवी प्रसाद ने हाल ही में स्कूल प्रिंसिपल और टीचर एसोसिएशनों के साथ बैठक भी की थी। बैठक के दौरान स्कूलों की समय अवधि बढ़ाने का निर्णय लिया गया था। विभाग इस प्रस्ताव को लेकर मुख्यमंत्री से चर्चा करेगा। मुख्यमंत्री से मंजूरी मिलने के बाद इसे लागू कर दिया जाएगा। प्रदेश में करीब
17 हजार सरकारी स्कूल हैं। विभाग का मानना है कि स्कूलों में जब पढ़ाने का समय बढ़ेगा तो क्लास का टाइम टेबल भी उसी तरह से तैयार किया जाएगा। इस पर अभी एक्सरसाइज चल रही है। स्कूलों की टाइमिंग बढ़ाने के साथ विभाग एक और पहल शुरू करने जा रहा है। इसके लिए इसे सिलेब्स केतौर पर शामिल किया जाएगा।
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