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हिमाचल में ड्राइविंग टेस्ट और वाहन फिटनेस अब हाईटेक हुई, 5 से 10 मिनट में होगा वाहनों का परीक्षण

Published: Thu, 02 Apr 2026 09:34 AM (IST)

हिमाचल प्रदेश में अब वाहनों का परीक्षण 5-10 मिनट में स्वचालित परीक्षण केंद्रों (एटीएस) पर होगा। केंद्र सरकार ने सात ...और पढ़ें

उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री (फाइल फोटो)

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राज्य ब्यूरो, शिमला। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने जानकारी दी है कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश में सात स्थानों पर स्वचालित परीक्षण केंद्र (एटीएस) स्थापित करने की स्वीकृति प्रदान की है। इन केंद्रों में कांगड़ा, मंडी, बिलासपुर, नालागढ़ और पावंटा में निजी एटीएस तथा हरोली और नादौन में सरकारी एटीएस शामिल होंगे।

इन केंद्रों पर वाहन परीक्षण केवल पांच से 10 मिनट में किया जा सकेगा, साथ ही आनलाइन स्लाट बुकिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। उपमुख्यमंत्री ने विधानसभा में उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया द्वारा नियम-62 के तहत उठाए गए मामले के उत्तर में यह जानकारी दी।

पठानिया ने कहा कि जिला कांगड़ा में केवल एक एटीएस होने के कारण स्थानीय लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं और यातायात बाधित हो रहा है। मुकेश ने कहा कि भविष्य में इसी माध्यम से गाड़ियों की पासिंग की जाएगी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने राज्य के कार्यों की सराहना करते हुए 100 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि जारी की है।

जल शक्ति विभाग में कुल 325 कनिष्ठ अभियंता के पद खाली हैं। इनमें से 302 पद सिविल, 9 पद मैकेनिकल और 14 पद इलेक्ट्रिकल श्रेणी के हैं। ये रिक्तियां विभाग के मंडल और जोन स्तर सहित अन्य कार्यालयों में हैं। विधायक हरदीप सिंह बावा के प्रश्न के लिखित उत्तर में सरकार ने बताया कि इन पदों को भरने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

सरकार ने जानकारी दी कि चार फरवरी और 17 फरवरी को सिविल विंग के 116 पदों को सीधी भर्ती के माध्यम से भरने के लिए भर्ती निदेशालय को अधियाचन (रिक्विजिशन) भेजा गया है। इसके अलावा, सिविल के दो पद भूतपूर्व सैनिकों के आश्रित वर्ग से भरने की प्रक्रिया भी आरंभ की गई है। कनिष्ठ अभियंता (इलेक्ट्रिकल) के 14 पदों को सीधी भर्ती के आधार पर भरने का मामला सरकार के विचाराधीन है।

विभागों, निगमों और बोर्ड में करुणामूलक नियुक्तियों के 852 मामले लंबित विभागों, बोर्ड और निगमों में करुणामूलक आधार पर आश्रितों को नौकरी देने के लिए कुल 852 मामले लंबित हैं। इनमें से 98 मामलों को अस्वीकार कर दिया गया है। विधायक सुधीर शर्मा, सत्तपाल सत्ती और पवन काजल के प्रश्न के लिखित उत्तर में सरकार ने यह जानकारी दी।

आठ अक्टूबर, 2025 से करुणामूलकनौकरी के लिए पात्रता तय करने के लिए परिवार की वार्षिक आय सीमा 2.50 लाख से बढ़ाकर 3.00 लाख कर दी गई है। यह नई सीमा भविष्य के मामलों पर लागू होगी। इस बदलाव के बाद, 31 जनवरी तक सरकारी विभागों और बोर्ड निगमों में तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कुल 852 मामले लंबित हैं।

मुकेश अग्निहोत्री बोले, हरोली व नादौन में सरकारी और चार जगह बन रहे निजी एटीएस l केंद्र सरकार ने राज्य को सात सेंटर स्थापित करने के लिए स्वीकृति प्रदान की l विधायक केवल सिंह पठानिया ने विधानसभा में नियम-62 में उठाया था सेंटर का मामला

हिमाचल प्रदेश में अभी हैं 24,82,038 वाहन पंजीकृत मुकेश ने कहा कि वर्ष 1990-91 में प्रदेश में कुल पंजीकृत वाहनों की संख्या 67,103 थी। वर्तमान में हिमाचल प्रदेश में 24,82,038 वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें से 21,83,860 निजी और 2,98,178 वाणिज्यिक वाहन हैं। वर्ष 2025 में प्रदेश में 1,923 दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 789 लोगों की मृत्यु हुई।

इन दुर्घटनाओं का एक मुख्य कारण अयोग्य और खराब स्थिति वाले वाहन हैं। हिमाचल को एटीएस की स्थापना के लिए केंद्र से 6.75 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्राप्त हुई है, और भविष्य में 27.73 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मिलने की संभावना है। राज्य में 18 मार्च, 2026 तक एटीएस के माध्यम से 572 वाहन फिट और छह को अनफिट घोषित किया गया है।