शिमला, जेएनएन। राजधानी शिमला में दिन-प्रतिदिन कुत्तों का आतंक बढ़ता जा रहा है। तीन दिन में ही रिपन अस्पताल में 31 मामले कुत्तों के काटने के पहुंचे हैं। जिनमें अधिकतर मामले नगर निगम कार्यालय के आसपास के क्षेत्र के हैं। बुधवार को दो लोगों को कुत्तों ने माल रोड पर काट लिया था। संजौली में सात स्कूली बच्चों पर कुत्तों ने हमला बोला था। लेकिन कुत्तों को पकड़ने में नगर निगम नाकाम साबित हो रहा है। वैसे तो नगर निगम प्रशासन लोगों को कुत्तों से निजाद दिलाने के लिए दावे करता है लेकिन अभी तक कुत्तों से लोगों को निजात नहीं मिल पाई है।

नगर निगम कार्यालय के चंद कदम दूरी पर कुत्तों के झुंड रहते हैं, लोगों को रास्ते से गुजरना मुश्किल हो रहा है। अकेले व्यक्ति पर कुत्तों का झुंड एकाएक हमला कर देता है। लेकिन नगर निगम प्रशासन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। विभिन्न इलाकों से अभी तक कुत्तों के काटने से 600 के करीब मामले सामने आ गए हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले उपनगर संजौली व उसके आसपास क्षेत्र सहित चंलौठी व छोठा शिमला के हैें। जहा कुत्तों ने लोगों का जीना हराम कर रखा है। वहीं रिज मैदान पर रोजाना ही कुत्ते छोटे बच्चों के ऊपर हमला करते हैं। इस कारण बच्चों का रिज मैदान पर घूमना मुश्किल हो गया है। लेकिन अभी तक प्रशासन कोई भी कार्रवाई नहीं कर रहा है। लोग अंधेरा होने से पहले ही घरों में बंद हो जाते हैं और जिन्हें घर आने में देर हो जाती है वह अपने हाथों में पत्थर व डंडे लेकर चलते हैं।

कुत्ते के काटने पर न डरें लोग दिन दयाल उपाध्याय अस्पताल के चिकित्सक अधीक्षक डॉ. रंजना ने कहा कि कुत्ते से काटे गए व्यक्ति के उपचार के लिए अस्पताल में बेहतर इंतजाम किए गए है। जो भी मरीज कुत्ते से काटने के आ रहे हैं उसका सही रूप से उपचार किया जा रहा है। लेकिन मरीज को समय पर अस्पताल पहुंचना जरूरी है। किसी तरह की लापरवाही न बरतते हुए सीधे अस्पताल पहुंचे।