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हिमाचल सरकार के मंत्री गोमा के विशेषाधिकार हनन नोटिस के बाद शिमला में मिलने पहुंचे डीसी मंडी अपूर्व देवगन

By Digital Desk Edited By: Rajesh Sharma
Published: Sun, 08 Feb 2026 11:34 AM (IST)

डीसी मंडी अपूर्व देवगन शिमला में मंत्री यादविन्द्र गोमा से मिलने पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हुई। गोमा ने मंडी में ...और पढ़ें

हिमाचल प्रदेश के मंत्री याविन्द्र गोमा और डीसी मंडी अपूर्व देवगन। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मंत्री याविन्द्र गोमा और डीसी मंडी अपूर्व देवगन। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. डीसी मंडी शिमला में मंत्री गोमा से नहीं मिल पाए।

  2. मंत्री गोमा ने डीसी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस दिया।

  3. कांग्रेस अध्यक्ष ने विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को उचित बताया।

राज्य ब्यूरो, शिमला। शिमला स्थित राज्य सचिवालय में शनिवार को आयुष एवं युवा सेवाएं एव खेल मंत्री यादविन्द्र गोमा से मिलने डीसी मंडी अपूर्व देवगन पहुंचे, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। उल्लेखनीय है कि गोमा ने मंडी में प्रोटोकाल के उल्लंघन को लेकर डीसी मंडी अपूर्व देवगन के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया है। उधर, मंत्री गोमा का कहना है कि उन्होंने नोटिस दे दिया है अब इसपर विधानसभा की विशेषाधिकार हनन कमेटी ही कोई निर्णय लेगी।

26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान खेल मंत्री गोमा बतौर मुख्य अतिथ मंडी पहुंचे थे। इस दौरान डीसी मंडी गत शाम को मौके पर नहीं पहुंचे। मंत्री का कहना है कि इस दौरान काफी ज्यादा लोग समस्याएं लेकर भी आए थे, ऐसे में जिला उपायुक्त के मौके पर न होने से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया। इसके बाद उन्होंने विशेषाधिकार हनन का नोटिस भेजा है। 

25 जनवरी की शाम को जब मंत्री मंडी पहुंचे थे तो अन्य अधिकारी वहां पर थे। मंत्री का कहना है कि मंडी के उपायुक्त से उनकी पहले बात हुई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि वे शाम 7 बजे तक पहुंच जाएंगे। लेकिन वह मौके पर नहीं पहुंचे थे, इसके बाद से मामले ने तूल पकड़ा हुआ है। 

कांग्रेस अध्यक्ष ने विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को बताया उचित

उधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने उपायुक्त मंडी के खिलाफ मंत्री द्वारा लाए गए विशेषाधिकार हनन प्रस्ताव को उचित बताया है। उन्होंने कहा कि मंत्री का प्रस्ताव सही है। विधायक प्राथमिकता बैठक में विधायकों द्वारा उठाए मुद्दों को सरकार ने गंभीरता से लिया है। सरकार से संगठन को किसी तरह की नाराजगी नहीं है। 

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