शिमला, जेएनएन। हर बड़े सड़क हादसे के बाद सरकार सड़कों की सुरक्षा के लिए कई दावे करती है। नूरपुर में स्कूल बस हादसे के बाद पूरे प्रदेश में स्कूली बसों पर शिकंजा कसने का दौर शुरू हो गया मगर बाद में धीरे-धीरे पुरानी स्थिति बहाल होने लगी है। ठियोग सड़क हादसे में भी नौ लोगों ने जान गंवा दी। यदि ठियोग-छैला रोड पर चेतुधार के पास गजेड़ी में समय रहते क्रैश बैरियर लगे होते तो शायद अनमोल जीवन बच जाते।

हैरत यह है कि ठियोग से गजेड़ी तक बाईपास है और सड़क भी काफी चौड़ी है। इस मार्ग पर गड्ढे भी नहीं हैं। इसके बावजूद हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों सहित सैकड़ों बसें पुरानी सड़क से दौड़ाई जा रही हैं। हादसा पुरानी सड़क पर ही हुआ है। जब करोड़ों रुपये से बाईपास का निर्माण किया गया था तो पुरानी सड़क से बसें क्यों दौड़ाई जा रही हैं, यह अहम प्रश्न है जबकि सड़क खस्ताहाल है। सड़क पर जगह-जगह बड़े बड़े गड्ढे हैं। सड़क किनारे कहीं भी क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए हैं।

हादसे में घायल

ध्रुव (7) पुत्र कुंदन लाल निवासी ठियोग, संजू (38) पुत्र मिलाप चंद गनेहा पालमपुर, नंदलाल (48) पुत्र मस्तराम चमैच जैस, विपिन कुमार (48) पुत्र संतोष शर्मा ककेरी नादौन कंडक्टर देहरा डिपो, पुष्पा देवी (54) गांव ठाणा टिक्कर देवरीघाट ठियोग, बिंदी देवी (52) पत्नी ईश्वर चंद जशाला कोटखाई, कांता देवी पत्नी ईश्वरी नंद मलकोटी नगान कोटखाई, पियूष पुत्री अनुज पडारा कोटखाई, विनोद कुमार बस परिचालक निवासी चौंतड़ा जोगेंद्रनगर (42), सुशीला (33) पत्नी संदीप पडारा थरोला कोटखाई, प्रदीप (40) पुत्र बलीराम आदर्शनगर, सैफअली (16) पुत्र मोहम्मद मुंजा शाहदरा नई दिल्ली, प्रोमिला (60) पत्नी इंद्र सिंह बासाधार ठियोग, संदीप वर्मा (30) पुत्र हीरा सिंह कूड जैस ठियोग, राजू पेंटर ठियोग, दिव्यांशी (15) पुत्री नारायण सिंह कुपवी चौपाल, नईम आलम (37) पुत्र मनव्वर शाह गांव खोली शिवान बिहार, कमला (60) ठियोग, रविंद्र (17) ठियोग।

इस कारण हादसों का अंदेशा बना रहता है। प्रशासन व निगम ने इस ओर कभी कोई ध्यान नहीं दिया है। डीनोटिफाई की गई थी सड़क स्थानीय लोगों ने कहा कि जब इस सड़क को डीनोटिफाई कर दिया गया था तो क्यों परिवहन निगम की बसें इस मार्ग से चलाई जा रही थीं। लोगों ने मांग की कि परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। हादसे की हो रही जांच सड़क हादसे की जांच की जा रही है, सड़क डीनोटिफाई की गई थी या नहीं, यह जांच के बाद ही पता चल पाएगा।

एमडी शर्मा, एसडीएम, ठियोग