संवाद सहयोगी, रामपुर बुशहर : एसडीएम कार्यालय रामपुर के बाहर मंगलवार को सीपीआइएम के कार्यकर्ताओं ने विरोध-प्रदर्शन किया। सीपीआइएम का आरोप है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में पहले की अपेक्षा काफी गिरावट हुई है, बावजूद इसके पेट्रोल-डीजल और रसोई गैस के दाम बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, सरकार की मंशा गैस सब्सिडी को पूरी तरह से समाप्त करने की भी लग रही है। लोकल कमेटी रामपुर के सदस्य कुलदीप व प्रेम चौहान ने कहा कि देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में की गई भारी वृद्धि का पार्टी विरोध करती है। मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद से पेट्रोल पर उत्पाद टैक्स में 105 प्रतिशत और डीजल पर टैक्स में 330 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिसकी वजह से पूरे दक्षिण एशिया में तेल की कीमतें हमारे देश में सबसे अधिक हो गई हैं। कच्चे तेल को रिफाइन करने बाद पेट्रोल और डीजल का जो दाम टैक्स को लगाकर होना चाहिए वह 45 से 50 रुपये से प्रति लीटर से अधिक कभी नहीं हो सकता है, जबकि देश में पेट्रोल 75 रुपये लीटर और डीजल 65 रुपये 78 पैसे लीटर के हिसाब से बिक रहा है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल और डीजल में एक्साइज ड्यूटी, जो पहले पेट्रोल में नौ रुपये 48 पैसे थी, को बढ़ाकर 19 रुपये 48 पैसे और डीजल में तीन रुपये 50 पैसे से बढ़ाकर 15 रुपये 33 पैसे कर दिया है। कहा कि भाजपा विपक्ष में थी तब 31 मई 2012 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि को लेकर भारत बंद किया गया था और जमकर संसद के बाहर विरोध किया गया था। अब आवश्यक वस्तुओं की मूल्य वृद्धि पर रोक के लिए मोदी सरकार ने कोई कदम नहीं उठाया है। सरकार द्वारा सार्वजनिक वितरण प्रणाली को कमजोर व बदहाल करने की मार आम जनता पर पड़ रही है। सीपीआइएम आम जनता के साथ मिलकर केंद्र सरकार के खिलाफ संघर्ष तेज करेगी। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान दयाल सिंह, हितेश हष्टा, आशु भारती, ओम प्रकाश भारती, हरि सिंह कपूर, रमन शर्मा, श्यामा, आलोक जिष्टू, विकेश, मोहन, देव राज, गटेश्वर, चाद, वीनू, मोहिंद्र, डेनी कायथ, विनोद, अमर सिंह, राज कुमारी, सुनीता आदि मौजूद रहीं।

Posted By: Jagran

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