शिमला के इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज (आइजीएमसी) में दो दिन की छुट्टी के बाद वीरवार को काफी भीड़ थी। अस्पताल में ठंड के बावजूद सुबह से ही पर्ची काउंटर पर लोग पहुंचना शुरू हो गए थे। मेडिसिन ओपीडी व लैब के बाहर खड़े होकर मरीज अपनी बारी का इंतजार करते दिखे। वहीं कुछ लोग बैंचों व फर्श पर बैठकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे।

आइजीएमसी में रोजाना 2500 तक की ओपीडी होती है। मेडिसिन ओपीडी के बाहर 70 से अधिक लोग जांच करवा चुके थे। वहीं ओपीडी में अधिक मरीज अपनी जांच करवा रहे थे। आइजीएमसी में रोजाना अधिक भीड़ होने के कारण संक्रमण का खतरा और ज्यादा बढ़ गया है।

प्रस्तुति : जागरण संवाददाता, शिमला। अन्य जिलों से भी लोग पहुंचते हैं इलाज करवाने

आइजीएमसी में अन्य जिलों से भी लोग इलाज करवाने पहुंचते हैं। लोगों ने मास्क तो पहने थे लेकिन शारीरिक दूरी के नियम का पालन नहीं कर रहे थे। वहां पर तैनात सुरक्षा कर्मचारी बार-बार लोगों को कतार में खड़ा होने के लिए कहते रहे। जागरूकता बोर्डो को देख कर भी कर रहे नियमों की अनदेखी

अस्पताल में प्रशासन की ओर से हर जगह कोरोना संबंधी नियमों का पालन करने के लिए जागरूकता बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन लोग उन्हें देखकर भी अनदेखा कर रहे हैं। अस्पताल में अपनी बारी के चक्कर में लोग नियमों को भूल रहे हैं। लोग मास्क पहने हुए तो दिखते हैं, लेकिन शारीरिक दूरी का कोई ध्यान नहीं रखा जाता। इससे कोरोना संक्रमण के फैलने का अंदेशा बना रहता है। आइजीएमसी में प्रतिदिन कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जिसे देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तीसरी लहर से लड़ने के लिए पूरी तैयारी कर ली है ताकि मरीजों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

- जनकराज, एमएस आइजीएमसी शिमला।

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