राज्य ब्यूरो, शिमला : दिल्ली में हुई हिमाचल के मंडी के सांसद रामस्वरूप शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला शुक्रवार को राज्य विधानसभा में उठा। प्रश्नकाल के बाद नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि दिल्ली में रामस्वरूप के पड़ोसी सांसद उपेंद्र रावत ने भी मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। मृतक के बेटे ने न्यायिक जांच करवाने का आग्रह किया है। जब फिल्मी हीरो रहे सुशांत राजपूत की मौत की सीबीआइ जांच हो सकती है तो हिमाचल के लोकप्रिय सांसद रहे रामस्वरूप शर्मा के मामले में क्यों नहीं? हिमाचल की जनता भी हकीकत जानना चाहता है कि इसके पीछे कहीं कोई साजिश तो नहीं है। ऐसे में सरकार सीबीआइ जांच करवाए, क्योंकि सांसद का विवादों से कोई भी संबंध नहीं था। जरूरी हुआ तो सीबीआइ जांच करवाएंगे : भारद्वाज

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि अगर आवश्यक हुआ और सांसद के स्वजनों ने चाहा तो राज्य सरकार सीबीआइ जांच करवाने का आग्रह करेगी। प्रदेश सरकार इस बारे में स्वजनों और केंद्र सरकार से भी बात करेगी। भारद्वाज ने हिमाचल के पूर्व डिप्टी एडवोकेट जनरल की इंटरनेट मीडिया पर की गई टिप्पणी को दुर्भाग्यपूर्ण कहा। कहा कि यह राजनीति का विषय नहीं बल्कि संवेदना का है। रामस्वरूप को यूरिन में ब्लीडिग की शिकायत थी : जयराम

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि रामस्वरूप शर्मा सरल स्वभाव के थे, ऐसे में कहा जा सकता है कि उनका कोई दुश्मन नहीं था। स्वजनों ने भी यही कहा कि सांसद कुछ दिन से अस्वस्थ थे। यूरिन में ब्लीडिग और प्रोस्टेट की शिकायत थी। इलाज करवाने की सोच रहे थे। उपचार के लिए कायाकल्प अस्पताल भी गए थे। उनका वजन कम हो गया था, जिसका कारण परहेज बताते थे। हां, जोगेंद्रनगर के मछयाल के लिए 50 लाख रुपये सांसद निधि का पैसा स्वीकृत कर दिया था। यह घटना दिल्ली में हुई है, इसलिए वहां की पुलिस जांच कर रही है। अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। इंटरनेट मीडिया पर टिप्पणी करना सही नहीं है। इस तरह की बातों से बचना चाहिए।

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