राज्य ब्यूरो, शिमला : पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर यात्रा भत्ते के करोड़ों रुपये खर्च करने के पूर्व मंत्री मेजर विजय सिंह मनकोटिया के बयान पर राजनीति गरमा गई है। वीरभद्र सिंह के बेटे एवं विधायक विक्रमादित्य सिंह ने इस पर पलटवार करते हुए मनकोटिया को मानसिक रोगी करार दिया है। रविवार को जारी बयान में विक्रमादित्य ने कहा कि अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा के चलते मनकोटिया भारी तनाव से गुजर रहे हैं। यही कारण है कि उन्हें सोते-जागते वीरभद्र सिंह के सपने दिखाई देते हैं।

शिमला ग्रामीण के विधायक ने कहा है कि राजनीति में मनकोटिया की महत्वकांक्षा को वह समझ सकते हैं। लोगों के बीच अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने के लिए सुर्खियों में बने रहना उनकी आदत है। लोगों ने उन्हें राजनीति में नकार दिया है। मुख्यमंत्री के नाते किसी भी नेता को सरकारी कामकाज के लिए सरकारी हेलीकॉप्टर के इस्तेमाल की पूरी छूट होती है। यह यात्रा भत्ते में नहीं आता है। मनकोटिया के यह आरोप उनकी ओछी राजनीति और बीमार मानसिकता को दर्शाते हैं। बार-बार चुनाव हारने के बाद वह अपनी खीज मिटाने के लिए वीरभद्र सिंह पर झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाते रहे हैं। असल में मनकोटिया ने हमेशा ही ब्लैकमेल की राजनीति की है। मुख्यमंत्री रहते वीरभद्र सिंह ने उन्हें पूरा मान सम्मान दिया। बावजूद इसके वह हमेशा उनके खिलाफ ही षड्यंत्र रचते रहे। यही वजह है कि शाहपुर हलके के लोग ने भी उनके इस चरित्र को जान और देखकर उन्हें राजनीति से ही बाहर कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई भी टिप्पणी करने से पहले मनकोटिया को अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए।

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