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हिमाचल के सरकारी अस्पताल में CM की दे दी गलत रिपोर्ट, सुक्खू बोले- मुझे तो शुगर है ही नहीं; मशीनें बदलने का आदेश

By Chaitanya Thakur Edited By: Rajesh Sharma
Published: Wed, 28 Oct 2026 04:44 PM (IST)Updated: Wed, 28 Oct 2026 05:02 PM (IST)

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक में सरकारी अस्पतालों में पुरानी जांच मशीनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए।

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. CM सुक्खू ने पुरानी जांच मशीनों पर उठाए सवाल।

  2. 10-15 साल पुरानी मशीनें बदलने के दिए निर्देश।

  3. अत्याधुनिक ऑटोमेशन लैब बनाने की घोषणा की।

जागरण संवाददाता, शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने बुधवार को राज्य सचिवालय में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में सीएम सुक्खू ने सरकारी अस्पतालों में इस्तेमाल हो रही पुरानी जांच मशीनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाए। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि एक सरकारी अस्पताल में रूटीन चेकअप के दौरान पुरानी मशीन ने उनकी रिपोर्ट में शुगर 177 दिखाई, जबकि उन्हें कभी शुगर की बीमारी नहीं रही।

संबंधित चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि अब मशीन बदल दी गई है। बैठक में प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों और चिकित्सा अधीक्षकों ने भाग लिया। 

वास्तविक समस्याएं खुलकर बताएं अधिकारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्रीय अस्पतालों में ऐसी स्थिति है तो स्वास्थ्य केंद्रों का क्या हाल होगा। उन्होंने अधिकारियों से वास्तविक समस्याएं खुलकर बताने को कहा, ताकि उनका समाधान हो सके। गलत जांच रिपोर्ट से मरीजों को मानसिक, आर्थिक और शारीरिक परेशानी होती है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 

10 से 15 साल पुरानी मशीनें बदलें

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को प्रदेश के मेडिकल कॉलेज और क्षेत्रीय अस्पतालों में लगी 10 से 15 साल पुरानी एक्स-रे, सीटी स्कैन और एमआरआई मशीनों की सूची तैयार कर उन्हें तुरंत बदलने के निर्देश दिए। 

30 करोड़ की ऑटोमशन लैब बनेंगी

उन्होंने बताया कि तकनीकी खामियां दूर करने के लिए हर प्रमुख मेडिकल कॉलेज में 28 से 30 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक ऑटोमेशन लैब बनाई जाएगी। पहले चरण में आईजीएमसी शिमला, टांडा मेडिकल कॉलेज, चंबा, हमीरपुर और नेरचौक में यह सुविधा शुरू होगी।

स्टाफ की कमी दूर करने पर जोर

स्टाफ की कमी दूर करने के लिए मंत्रिमंडल ने 300 चिकित्सा अधिकारी, 250 एमटीएस, 200 स्टाफ नर्स और 76 ऑपरेशन थियेटर सहायकों के पद मंजूर किए हैं। इनकी भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी होगी। मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस छात्रों को 60-60 के छोटे बैच में पढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं। सुक्खू ने कहा कि हिमाचल को चिकित्सा क्षेत्र में देश का नंबर-1 राज्य बनाने के लिए अधिकारियों को जवाबदेही से काम करना होगा।

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