कर्मचारियों को DA, किसानों की चांदी व युवाओं को नौकरी... नवरात्र से पहले सुक्खू कैबिनेट की बैठक, कई योजनाओं पर लगेगी मुहर
हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में 10 अक्टूबर को बहुप्रतीक्षित कैबिनेट बैठक होगी।

शारदीय नवरात्र से पहले सुक्खू सरकार की बड़ी तैयारी, 10 अक्टूबर को अहम कैबिनेट बैठक।
HighLights
10 अक्टूबर को होगी सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक
कर्मचारियों को महंगाई भत्ते की किस्त और 50 हजार नौकरियां संभव
किसानों के लिए दूध-फलों का समर्थन मूल्य बढ़ेगा, नया खनन विभाग बनेगा
राज्य ब्यूरो, शिमला। विधानसभा के मानसून सत्र से पहले दो बार टल चुकी राज्य मंत्रिमंडल की बहुप्रतीक्षित बैठक अब 10 अक्टूबर को होने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने शारदीय नवरात्र से ठीक पहले यह बैठक बुलाई है, जिससे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, पेंशनरों, किसानों और बेरोजगार युवाओं की उम्मीदें परवान चढ़ गई हैं।
माना जा रहा है कि सरकार त्योहारी सीजन से पहले कई अहम फैसलों पर मुहर लगाकर प्रदेशवासियों को बड़ा तोहफा दे सकती है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हाल ही में वित्त विभाग के आला अधिकारियों के साथ कर्मचारियों और पेंशनरों की लंबित वित्तीय अदायगियों पर गहन मंथन किया है। इसके साफ संकेत हैं कि त्योहारी सीजन से ठीक पहले सरकार महंगाई भत्ते (डीए) की किस्त जारी कर सकती है।
इन प्रमुख एजेंडों के अलावा, बैठक में मुख्यमंत्री की विभिन्न बजट घोषणाओं और सरकार की तरफ से गठित की गई कई मंत्रिमंडलीय उपसमितियों की सिफारिशों पर भी अंतिम निर्णय लिया जाएगा। विभिन्न विभागों के प्रस्तावों पर चर्चा के बाद कई अन्य अहम फैसले भी लिए जा सकते हैं।
राज्य सरकार ने दिसंबर 2026 तक 50 हजार सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा है। इस लिहाज से कैबिनेट बैठक में शिक्षा समेत कई अन्य विभागों में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया को हरी झंडी मिल सकती है।
बागवानों और पशुपालकों पर मेहरबान होगी सरकार
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए इस बैठक में पशुपालकों के लिए दूध के खरीद मूल्य में इजाफा किया जा सकता है। इसके साथ ही, मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत खरीदे जाने वाले सेब और नींबू प्रजाति के फलों के समर्थन मूल्य को बढ़ाने पर भी मुहर लगने की प्रबल संभावना है।
राजस्व बढ़ाने के लिए बनेगा नया खनन विभाग
सरकारी राजस्व में इजाफा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणा के अनुरूप एक नए खनन विभाग के गठन और ड्रेजिंग पालिसी पर भी विस्तार से चर्चा होगी। नया विभाग बनने से नदियों की ड्रेजिंग समेत अन्य कार्यों का सीधा जिम्मा इसे सौंपा जाएगा, जिससे अवैध खनन पर लगाम लगेगी और सरकारी खजाने में वृद्धि होगी।
