राज्य ब्यूरो, शिमला : प्रदेश में राशन के डिपुओं से दालों के साथ आटा भी गायब हो गया है। डिपो में केवल मूंग और चना दाल ही मिल रही है, जबकि तीन दालें गायब हैं। अब डिपोधारक लोगों को मूंग व चना दाल ही दे रहे हैं और बाकी दालों के लिए इंतजार करने को कह रहे हैं। कुछ को तो दो पैकेट चना दाल और एक मूंग का दिया जा रहा है। ऐसे में लोगों का सस्ते राशन के चक्कर में समय बर्बाद हो रहा है। प्रदेश में सस्ते राशन के करीब पांच हजार डिपो हैं। इनके माध्यम से साढ़े अठारह लाख राशन कार्ड धारकों को सस्ते राशन की आपूर्ति की जा रही है।

राशन डिपो में इन दिनों न तो साबुत माश की दाल है और न ही मलका मसर। ऐसे में लोगों को दो ही दालों से संतोष करना पड़ रहा है। कुछ डिपो में तो दो माह से इन दो दालों के अलावा अन्य दालें उपलब्ध ही नहीं हैं। कई डिपो में दिसंबर से ही दो दालें नहीं आई हैं। डिपो संचालकों से दालें न मिलने के संबंध में पूछने पर जवाब मिल रहा है कि पीछे से ही सप्लाई नहीं पहुंची है। इसलिए दो ही दालें दी जा रही हैं। मलका का सैंपल फेल होने पर रुकवाई थी सप्लाई

मलका दाल का सैंपल रोहड़ू और शिमला में फेल हो गया था। ऐसे में सप्लाई को रुकवा दिया था और जो दालों का स्टॉक आया था उसे बदलवाने के आदेश दिए गए थे। सैंपल के फेल होने पर पूरे प्रदेश से दालों के सैंपल भरे गए और उसमें रोहड़ू में फेल पाया गया।

दाल के दाम डिपो और खुले बाजार

दालें,डिपो में दाम,बाजार में दाम

चना दाल,35,80

माश साबुत,30,80

मूंगी,40,85

मलका मसर,30,75-85

जनवरी तक की दालों का सप्लाई आर्डर दिया गया है। डिपुओं में दालें कम क्यों पहुंची हैं, ऐसा मामला ध्यान में नहीं है। यदि खाद्य डिपुओं में दालों की आपूर्ति नहीं हो रही है तो इस संबंध में जांच की जाएगी

-बीसी बडालिया, प्रबंध निदेशक, खाद्य एवं आपूर्ति निगम

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