शिमला, राज्य ब्यूरो। इंडियन टेक्नोमेक कंपनी से जुडे़ छह हजार करोड़ से अधिक के कर-कर्ज घोटाले में सीआइडी और अधिक सक्रिय हो गई है। सीआइडी क्राइम ब्रांच की एसआइटी ने इस संबंध में इंडियन टेक्नोमेक कंपनी के मुख्यालय दिल्ली के राजेंद्र प्लेस, सिरमौर जिला के नाहन के जगतपुर में छापेमारी की है। अब जल्द ही आरोपितों के खिलाफ पहली चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जाएगी। बाद में सप्लीमेंटरी चार्जशीट दी जाएगी। सीआइडी ने इस संबंध में आबकारी एवं कराधान विभाग से भी अहम रिकॉर्ड कब्जे में लिया गया है। यह लोन गारंटी के संबंध में है। रिकॉर्ड की जांच-पड़ताल की जा रही है। जांच एजेंसी ने कंपनी के नौ वाहन कब्जे में लिए हैं। इनमें से सात आबकारी एवं कराधान विभाग, जबकि दो वाहन वित्तीय संस्थानों के हवाले किए गए हैं। यानी ये वाहन बैंकों को सौंपे गए।

लुकआउट नोटिस जारी मुख्य आराोपित राकेश शर्मा के खिलाफ सीआइडी ने ल़ुक आउट नोटिस जारी किया है। वह विदेश भागा हुआ है। उसके दुबई में छिपे होने की आशंका है।

अधिकारियों पर आरोप साबित जांच में आबकारी एवं कराधान विभाग के आठ अधिकारियों और कर्मचारियों पर आरोप साबित हो गए हैं। इनमें तीन तत्कालीन इंस्पेक्टर, एक सहायक आबकारी एवं कराधान आयुक्त, चार कर्मी शामिल हैं। हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत पर होने के कारण इनकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।

ये हुई हैं गिरफ्तारियां

अब तक सीआइडी नौ आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें कंपनी के निदेशक विनय शर्मा, डीजीएम वित्त विवेक लाल, डीजीएम स्टोर आरके सैनी, सीनियर मैनेजर वित्त हिमांशु गोयल, डीजीएम लेखा विवेक गुप्ता, प्लांट हेड त्रिलोचन बिस्वाल, ईटीओ रिटायर टेकचंद, आयरन रिसीवर सुलेमान, मशीन रिसीवर अमित सिंह शामिल हैं।

इंडियन टेक्नोमेक कंपनी से जुडे़ मामले में अभी जांच जारी है। जल्द ही कोर्ट में पहली चार्जशीट दाखिल की जाएगी। कंपनी ने राज्य सरकार को करों के रूप में 2100 करोड़ का चूना लगाया था। अब तक नौ आरोपित पकड़े गए हैं। आठ आरोपित अग्रिम जमानत पर हैं।

-अशोक तिवारी, एडीजीपी सीआइडी।