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स्कूलों में अब एडमिशन फॉर्म में नहीं पूछी जाएगी जाति, हिमाचल CM सुक्खू ने दिए हटाने के निर्देश

Published: Wed, 26 Aug 2026 05:51 PM (GMT+05:30)

मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अगले शैक्षणिक सत्र से स्कूल एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाने के निर्देश दिए हैं।

सीएम सुक्खू ने हिमाचल में एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाने के दिए निर्देश।

सीएम सुक्खू ने हिमाचल में एडमिशन फॉर्म से जाति का कॉलम हटाने के दिए निर्देश।

HighLights

  1. अगले सत्र से स्कूल एडमिशन फॉर्म से जाति कॉलम हटेगा

  2. भेदभाव खत्म कर बच्चों में हीन भावना रोकने का प्रयास

  3. सरकारी योजनाओं के लाभ हेतु जाति का उल्लेख रहेगा

राज्य ब्यूरो, शिमला। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने अगले शैक्षणिक सत्र से एडमिशन फार्म में जाति का कॉलम खत्म करने के निर्देश दिए हैं। हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार समाज में जाति के नाम पर भेदभाव को खत्म करने का प्रयास कर रही है और समाज में आपसी भाईचारा होना चाहिए।

उन्होंने कहा कि स्कूल के दाखिला फार्म में जाति का कॉलम खत्म करना इस दिशा में एक शुरूआत होगी ताकि बच्चे किसी हीन भावना से ग्रस्त न हों। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अनुसूचित जाति समुदाय के लोग अपनी जाति का कॉलम भर सकेंगे ताकि उन्हें इन योजनाओं लाभ निर्बाध प्राप्त होता रहे। सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार अनुसूचित जाति समुदाय की समस्याओं का समाधान करने को प्राथमिकता दे रही है।

वर्तमान सरकार ने इस समुदाय का कल्याण सुनिश्चित करने के लिए अनेक योजनाएं आरंभ की हैं और सभी पात्र व्यक्तियों को इसके बारे में जागरूक होना चाहिए ताकि वे इन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मेधावी छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत ब्याज दर पर 20 लाख रुपये का ऋण भी उपलब्ध करवा रही है ताकि वे धन के अभाव में अपनी पढ़ाई छोड़ने के लिए मजबूर न हों।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अति निर्धन परिवारों के लिए अपना परिवार सुखी परिवार योजना लागू करने जा रही है। इसके तहत इन परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और इन परिवारों की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह पेंशन दी जाएगी। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कर्नल धनी राम शांडिल ने कहा कि प्रदेश सरकार 8,41,917 लोगों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान कर रही है।

वृद्ध पुरूषों को 1000 रुपये, महिलाओं, दिव्यांगजनों, विधवाओं, परित्यक्ता/एकल महिलाओं को 1500 रुपये और 70 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धों व 70 प्रतिशत से अधिक दिव्यांगता वाले नागरिकों को 1700 रुपये प्रति माह की दर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान वित्त वर्ष में पैंशन योजना पर लगभग 1400 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, महिलाओं, बच्चों तथा वृद्धों के सामाजिक व आर्थिक उत्थान के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं पर इस वित्त वर्ष में लगभग 314.90 करोड़ रुपये तथा अनुसूचित जाति विकास कार्यक्रम पर 1105.37 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। मुख्य सचिव सहित अन्य अधिकारी बैठक में मौजूद रहे।

अभी ये है व्यवस्था

स्कूल व कालेज में अभी दाखिले के फार्म पर नाम, स्थायी पता, जाति, धर्म व राष्ट्र के नाम का कॉलम होता है। राज्य व केंद्र सरकार विद्यार्थियों के लिए कई तरह की योजनाएं चलाई है। आरक्षित वर्ग जिनमें एससी, एसटी व ओबीसी के अलावा अन्य वर्गों के लिए जाति का नाम लिखना होता है। हालांकि योजना का लाभ लेने के लिए अलग से भी सर्टिफिकेट देना पड़ता है।

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