जागरण संवाददाता, शिमला : शहर से सब्जी मंडी को फिर से दाड़नी के बगीचे में ले जाने का मसला गरमाने लगा है। नगर निगम की वित्त कमेटी की बैठक में इस पर फैसला लिया है। इससे पहले लगभग 20 साल से इसे शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है, लेकिन कारोबारी किसी भी तरह से तैयार नहीं होते हैं। इस बार वित्त कमेटी की मंजूरी के बाद अब इसे निगम की मासिक बैठक में लाया जाना है। मासिक बैठक में भी इस पर सहमति बनती है तो शहर से सब्जी मंडी को बाहर शिफ्ट करने की तैयारी है।

शहर में बढ़ती भीड़ को शिफ्ट करने के लिए जिला प्रशासन ने इसका प्रस्ताव तैयार किया था। उस समय सब्जी मंडी के साथ अनाज मंडी व ट्रांसपोर्ट कंपनियों को भी शहर से बाहर बाईपास सड़कों को ले जाने की तैयारी थी, लेकिन वोट बैंक के चक्कर में अभी तक इस मसले पर कोई काम ज्यादा नहीं हो सका। इस बार निगम प्रशासन की ओर से पूरे मामले को लाया गया है। अब निगम की बैठक में इस मसले पर हंगामा हो सकता है। कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने की है विरोध की तैयारी

कांग्रेस समर्थित पार्षदों ने इसके विरोध की पूरी तैयारी कर ली है। इसी तरह से शहर में सब्जी मंडी के कारोबारी भी इसे स्वीकारते नहीं दिख रहे हैं। उनका तर्क है कि शहर में दशकों से सब्जी मंडी का कारोबार होता है। वर्तमान में सब्जी मंडी में ज्यादा भीड़ होने के कारण खरीदने वाले लोगों से सब्जी बेचने किसानों को परेशानी होती है। इस परेशानी से बचने के लिए काफी समय से काम किया जा रहा है। किसानों को देनी पड़ती है ढुलाई

किसानों को अपने उत्पाद बेचने के लिए काफी ढुलाई देनी पड़ती है। वहीं कारोबारी मंडी से उत्पाद खरीद कर उपनगरों की ओर से ले जाते हैं। उन्हें भी काफी ज्यादा कीमत ढुलाई की चुकानी पड़ती है। इन सभी वर्गो की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए मंडी को दाड़नी के बगीचे में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है।

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