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राज्य ब्यूरो, शिमला : निजी बस ऑपरेटरों के आगे प्रदेश सरकार झुक गई है। सरकार ने बसों का किराया बढ़ाने पर हामी भर ऑपरेटरों की मांगें मानने का आश्वासन दिया है। हालांकि किराया कितना बढ़ेगा, यह अभी तय नहीं हुआ है। सरकार के आश्वासन पर निजी बस ऑपरेटरों ने हड़ताल को मंगलवार शाम तक स्थगित कर दिया है। हड़ताल के कारण सोमवार को दिनभर लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।

निजी बस ऑपरेटरों की मंगलवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ मंडी में वार्ता होगी। इसमें चर्चा होगी कि बस किराया कितना बढ़ेगा। निजी बस ऑपरेटर यूनियन के प्रदेश महासचिव रमेश कमल ने बताया कि वार्ता मंगलवार शाम छह बजे सर्किट हाउस मंडी में होगी। रमेश कमल की अगुवाई में अन्य नेताओं की सोमवार को राज्य सचिवालय शिमला में परिवहन सचिव जगदीश चंद शर्मा के साथ करीब एक घंटे तक वार्ता हुई। शाम छह बजे शुरू हुई वार्ता हंगामेदार रही। यूनियन के नेताओं ने कहा कि बस मालिक बैंकों के कर्ज तले दबे हैं। किराया न बढ़ा तो अनिश्चितकालीन हड़ताल को आमरण अनशन में बदल देंगे। हिमाचल में इनकी 3200 बसें चल रही हैं जबकि चार हजार रूट हैं। पहले दिन की हड़ताल से ही यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा है। इसके बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मोर्चा संभाला। उन्होंने यूनियन नेताओं के साथ करीब डेढ़ घंटे तक बैठक की। इसमें तय हुआ कि अब मांगों का मामला मंत्रिमंडल की बैठक में जाएगा। इसके साथ ही अनिश्चितकालीन हड़ताल एक दिन के बाद स्थगित हो गई।

-------------------- बंद रहे 3149 बसों के 3900 रूट, यात्री बेहाल

निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल का सोमवार को हिमाचल में व्यापक असर रहा। चंबा जिला को छोड़कर अन्य 11 जिलों में 3900 रूट पर 3149 निजी बसें नहीं चलीं। प्रदेश में हड़ताल से यात्री बेहाल दिखे। गंावों से लेकर कस्बों और शहरों में परिवहन व्यवस्था चरमरा गई और यात्रियों को कई घंटों तक सरकारी बसों का इंतजार करना पड़ा। बच्चों से लेकर बूढ़ों तक सब परेशान रहे।

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एचआरटीसी ने एक दिन में दस लाख रुपये से अधिक कमाए

हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने सोमवार को निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल के कारण करीब 250 अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की थी। इससे एक ही दिन में निगम को दस लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त आय हुई। सोमवार को निगम की 3000 से अधिक बसें सड़कों पर दौड़ीं। लेकिन ये बसें निजी बसों की भरपाई करने में नाकाफी रहीं।

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निजी बस ऑपरेटरों को 1.25 करोड़ का नुकसान हड़ताल के कारण निजी बस ऑपरेटरों को एक दिन में एक करोड़ 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ। बसें न चलने से पेट्रोल पंप मालिकों को नुकसान झेलना पड़ा। चंबा को छोड़कर अन्य 11 जिलों में निजी बसों के 6280 चालक व परिचालक हड़ताल पर रहे। चंबा में विधानसभा उपाध्यक्ष हंसराज व स्थानीय विधायक पवन नैय्यर द्वारा मांगें माने जाने के आश्वासन के बाद चंबा जिला में निजी बसें सोमवार को रोज की तरह चलीं।

Posted By: Jagran