जागरण संवाददाता, शिमला : उपमंडल ठियोग के मतियाना में सोमवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल की केमिस्ट्री लैब में जोरदार धमाका होने से चार विद्यार्थी घायल हो गए। इनमें से दो को पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर किया गया है। पुलिस ने देर शाम लैब को सील कर जांच शुरू कर दी है। उच्चतर शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत शर्मा ने भी मामले की जांच का आदेश दे दिया है।

स्कूल की केमिस्ट्री लैब में सोमवार दोपहर जमा दो कक्षा के विज्ञान संकाय के विद्यार्थी पांच-पांच के ग्रुप में प्रेक्टिकल कर रहे थे। विद्यार्थियों ने जब बोतल में केमिकल मिलाया तो अचानक धमाका होने से भगदड़ मच गई। लैब में खून के धब्बे बिखरे दिखे। घायल हुए चार विद्यार्थियों अजीत, मुकुल, बन्नी व निकिता को शिक्षकों व अभिभावकों ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आइजीएमसी) शिमला पहुंचाया। अजीत व मुकुल की हालत ज्यादा खराब होने पर उन्हें पीजीआइ चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया। दोनों विद्यार्थियों को चेहरे पर काफी चोटें आई हैं। मुकुल की एक आंख जबकि अजीत की दोनों आंखों को नुकसान पहुंचा है। बताया जा रहा है कि दोनों विद्यार्थियों की आंख के रेटिना को नुकसान हुआ है।

आइजीएमसी के एमएस डॉ. जनकराज ने कहा कि लैब में एक्सपेरिमेंट के दौरान विद्यार्थियों की आंखों में केमिकल घुस गया था। दो विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया था। स्कूल प्रबंधन की सूचना के बाद पुलिस लैब में पहुंची व जांच की। मैग्नीशियम नाइट्रेट व फैरस सल्फेट मिलाने पर धमाका

स्कूल की ओर से जिला शिक्षा उपनिदेशक को मामले की रिपोर्ट दी गई। इसके मुताबिक लैब में विद्यार्थी जब प्रेक्टिकल कर रहे तो मैग्नीशियम नाइट्रेट व फैरस सल्फेट को मिलाते ही धमाका हुआ। प्रिंसिपल राम लाल डोगरा ने कहा कि लेक्चरर रमेश चंद प्रेक्टिकल के दौरान लैब में थे। विद्यार्थियों के चेहरे पर आंखों पर केमिकल गिरा है। शिक्षकों ने इलाज के लिए दिए 30 हजार रुपये

धमाके के बाद स्कूल के शिक्षक भी पीछे नहीं रहे। उन्होंने मौके पर 30 हजार रुपये एकत्रित कर विद्यार्थियों के इलाज के लिए दिए। स्कूल के छह शिक्षक बच्चों के साथ अस्पताल गए। अभिभावकों के साथ दो शिक्षक पीजीआइ चंडीगढ़ गए हैं।

Posted By: Jagran

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