शिमला, राज्य ब्यूरो। हिमाचल की चार संसदीय सीटों के लिए शुक्रवार शाम से चुनाव प्रचार थम गया। सत्तारूढ़ भाजपा ने चारों सीटों पर कब्जा बरकरार रखने के लिए खूब प्रचार किया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेश में 106 चुनावी रैलियों को संबोधित किया। चुनाव की घोषणा के बाद से जयराम लगातार चुनावी दौरा करते रहे। पैर में चोट के बावजूद मुख्यमंत्री ने सुबह आठ बजे घर से निकलकर रात आठ बजे तक चुनावी सभाएं और संगठन की बैठकें ली। चुनाव प्रचार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भी हिमाचल पहुंचे।

दूसरी ओर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, राज बब्बर, नवजोत सिंह सिद्धू ने भी पार्टी प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभाएं कर समर्थन मांगा। प्रधानमंत्री मोदी ने मंडी संसदीय सीट व शिमला सीट के लिए चुनाव प्रचार किया। शाह ने चंबा, बिलासपुर, नाहन में तीन रैलियां की। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी और स्मृति ईरानी ने एक-एक चुनावी रैली की। लोकसभा चुनाव के लिए प्रदेश प्रभारी तीरथ सिंह रावत ने

23 चुनाव रैलियों को संबोधित किया। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने हमीरपुर व कांगड़ा संसदीय क्षेत्रों में लगातार चुनावी सभाएं की। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती ने भी प्रदेश की सभी सीटों पर चुनाव प्रचार किया।

पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के दिग्गज नेता वीरभद्र्र सिंह ने पार्टी प्रत्याशियों के लिए खूब प्रचार किया। उन्होंने 67 रैलियां व चुनावी सभाएं की। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कांगड़ा, ऊना और सोलन में जनता से वोट मांगें, जबकि पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा ने नौ रैलियां की। पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने तीन, जबकि राज बब्बर ने एक चुनावी सभा को संबोधित किया। प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने भी 20 रैलियों के जरिये पार्टी के लिए समर्थन मांगा। प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप सिंह राठौर ने भी पूरे प्रदेश में

जमकर प्रचार किया। 

भाजपा ने रणनीति के तहत अंजाम तक पहुंचाया चुनाव प्रचार

भाजपा ने लोकसभा चुनाव प्रचार को पूरे सुनियोजित तरीके से अंजाम तक पहुंचाया है। घर-घर जाकर वोट मांगने को पहली प्राथमिकता में शामिल किया। चाहे शिमला शहर है या प्रदेश के सभी विधानसभा क्षेत्र, हर स्थान पर संबंधित क्षेत्र के विधायकों ने कार्यकर्ताओं की  टीमों के साथ वोट मांगे। यह तय किया है कि सरकार का हर मंत्री अपने विधानसभा क्षेत्र में बढ़त सुनिश्चित करेगा।

इसी तरह से विधायक की भी जिम्मेदारी होगी कि अपने प्रत्याशी को बढ़त दिलाएं। वहीं जिन क्षेत्रों में भाजपा विधायक नहीं हैं, वहां पर चुनाव लड़ चुके प्रत्याशी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। प्रदेश भाजपा की रणनीति के तहत चारों संसदीय सीटों में जीत के साथ लीड बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस समय सभी सीटें भाजपा के पास हैं और प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी फिर से क्लीन स्वीप चाहती है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी स्पष्ट कर चुके हैं कि जीत तो सुनिश्चित हो चुकी है, अब केवल संघर्ष जीत की बढ़त को आगे ले जाना है।

चुनाव प्रचार शुरू होने के पहले दिन से भाजपा की बूथ स्तर की इकाई प्रत्येक व्यक्ति का मत सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही थी। चुनाव प्रचार के अंत तक सभी कार्यकर्ता मतदान को अपने पक्ष में करने के लिए गांव व शहर की हर चौखट तक पहुंचे। एक सप्ताह से भाजपा ने डोर-टू-डोर प्रचार शुरू कर रखा है।

वहीं नए मतदाताओं का वोट प्राप्त करने के लिए पार्टी ने विशेष प्रयास शुरू किया है। नए मतदाता को घर पर जाकर वोटर स्लिप दी जा रही है। पहली बार मतदान करने के योग्य हुए युवक- युवती को लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लेने के लिए बधाई दी जा रही है। पहले मतदाता को भाजपा की ओर बधाई पत्र दिया जा रहा है, जिस पर उसका नाम अंकित किया गया है।

 

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Posted By: Babita