विधि संवाददाता, शिमला : हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की बैठक बीएम चौहान अधिवक्ता की अध्यक्षता में हुई। बैठक में केदार सिंह जिंदान की हत्या पर रोष प्रकट किया और वकीलों ने अदालती कार्यवाही से खुद को अलग रखा। हाईकोर्ट से माग की कि इस मामले में स्वत: संज्ञान लेकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में दलगत राजनीति से ऊपर उठ कर पीड़ितों को न्याय दिलाने का आह्वान करते हुए निर्णय लिया गया कि हाईकोर्ट के समक्ष वरिष्ठ वकील मामले की जाच की दिशा पर नजर रखते हुए पैरवी करेंगे। एसोसिएशन स्वयं भी एक रिट याचिका दायर करेगी, जिसका दायित्व अधिवक्ता रजनीश मनिकटाला को सौंपा गया। वकीलों ने निष्पक्ष एजेंसी से इस हत्या की जाच करवाने की माग की व इस बाबत मुख्यमंत्री, गृहमंत्री व डीजीपी को ज्ञापन सौंपने की बात कही। वकीलों ने उन सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माग भी की, जिन्होंने समय रहते जिंदान को सुरक्षा मुहैया नहीं करवाई। स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों के तुरंत तबादले व गवाहों को उचित सुरक्षा मुहैया करवाने की माग भी की गई है। बैठक में जिंदान हत्याकाड मामले में एससी-एसटी एक्ट के तहत समय पर केस दर्ज न करने पर भी आपत्ति प्रकट की गई। एसोसिएशन आने वाले समय में जाच पर निगरानी भी रखेगी व जरूरत पड़ने पर उचित कदम भी उठाएगी। बैठक में चर्चा के दौरान बताया गया कि जिंदान शिलाई के आरटीआइ एवं सामाजिक कार्यकर्ता थे, जिन्होंने जनहित में कई भ्रष्टाचार उजागर किए थे। प्रशासन से माग की गई कि प्रभावित परिवार को तत्काल फौरी राहत और सुरक्षा प्रदान की जाए। इस दुख की घड़ी में प्रदेश के सभी वकील इस परिवार के साथ हैं।

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