राज्य ब्यूरो, शिमला : कांगड़ा केंद्रीय सहकारी बैंक व राज्य सहकारी बैंक की हुई भर्तियां विवादों में आने के बाद भाजपा ने पूर्व सरकार का फैसला पलट दिया है। पूर्व सरकार के कार्यकाल में दोनों बैंक विवादों में रहे। चहेतों को नौकरियां बांटने के मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय निशाने पर आया था। बैंक भर्ती में पारदर्शिता लाने के लिए मौजूदा भाजपा सरकार ने फैसला लिया है कि अब बैंकों में किसी भी तरह की भर्तियां राज्य शिक्षा बोर्ड के माध्यम से नहीं होंगी। बैंकों में भर्तियां इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिग पर्सनल सेलेक्शन (आइबीपीएस) करवाएगा। प्रदेश सरकार ने भर्ती संबंधी किसी भी प्रकार के विवाद से बचने के लिए बड़ा फैसला लिया है। तीन बैंकों में भर्ती प्रक्रिया जल्द

सरकार ने राज्य सहकारी बैंक, केसीसी बैंक और जो¨गद्रा बैंक में विभिन्न श्रेणियों के पद भरने का निर्णय लिया है। शीघ्र ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी, लेकिन नई भर्तियां राज्य शिक्षा बोर्ड नहीं करवाएगा। पहले की तरह बैं¨कग क्षेत्र में भर्तियां करवाने वाली एजेंसी आइबीपीएस को सरकार ने अधिकृत किया है। कुछ चु¨नदा पदों के लिए भर्तियां हमीरपुर स्थित राज्य कर्मचारी चयन आयोग और राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से हो सकती हैं। धूमल सरकार ने की थी पहल

पूर्व धूमल सरकार ने बैंकों में भर्ती प्रक्रिया आइबीपीएस से करवाने का निर्णय लिया था। बाद कांग्रेस सरकार ने भर्तियों का जिम्मा राज्य शिक्षा बोर्ड को सौंपा था। कांग्रेस के दो कार्यकाल के दौरान बैंकों में होने वाली भर्तियां विवादित रही। कांग्रेस सरकार के समय में मुख्यमंत्री कार्यालय के कई अधिकारियों व कर्मचारियों के बच्चे चयनित हुए थे। ---------

सरकार चाहती है कि बैंकों में होने वाली भर्तियां निष्पक्ष हों। बैं¨कग भर्तियों को लेकर किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए। इसलिए सरकार ने स्कूल शिक्षा बोर्ड से बैं¨कग भर्तियों को करवाने का निर्णय पलट दिया है। पहले की तरह भर्तियां आइबीपीएस के माध्यम से ही होंगी। सरकार शीघ्र ही प्रदेश के दो प्रमुख बैंकों के लिए भर्तियां करवाने जा रही है। बैंकों में अधिकारी स्तर के कुछ पदों के लिए भर्ती लोक सेवा आयोग व राज्य कर्मचारी चयन आयोग से होंगी। इसके अलावा अधिकांश भर्तियां आइबीपीएस के माध्यम से ही होंगी।

डॉ. राजीव सैजल, सहकारिता, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री।

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