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12 देशों के कलाकार, 24 देशों की भागीदारी और 346 देवी-देवताओं को न्योता... कुल्लू दशहरा में दिखेगा आस्था और संस्कृति का संगम

Published: Thu, 15 Oct 2026 06:00 AM (IST)Updated: Thu, 15 Oct 2026 06:57 AM (IST)

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा उत्सव 21 से 27 अक्टूबर तक आयोजित होगा, जिसमें 12 देशों के कलाकार अपनी संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे और 24 देशों की भागीदारी की उम्मीद है।

कुल्लू दशहरा में दिखेगा आस्था और संस्कृति का संगम। फाइल फोटो

कुल्लू दशहरा में दिखेगा आस्था और संस्कृति का संगम। फाइल फोटो

HighLights

  1. 21 से 27 अक्टूबर तक अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा।

  2. 12 देशों के कलाकार, 24 देशों की भागीदारी की उम्मीद।

  3. 346 स्थानीय देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजा गया।

राज्य ब्यूरो, शिमला। देवभूमि कुल्लू में इस बार दशहरा उत्सव में 12 देशों के कलाकार अपनी संस्कृति के रंग बिखेरेंगे, जबकि 24 देशों की भागीदारी की उम्मीद है। देव आस्था और वैश्विक संस्कृति के संगम वाले इस सात दिवसीय उत्सव के लिए अब तक 346 स्थानीय देवी-देवताओं को निमंत्रण भेजे जा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा 21 से 27 अक्टूबर तक आयोजित होगा। उत्सव का पूर्वावलोकन समारोह बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित किया गया।

अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने बताया कि राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता 21 अक्टूबर को उत्सव का शुभारंभ करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू समापन समारोह की अध्यक्षता करेंगे।

ड्रोन और लेजर शो उत्सव की रौनक

थाईलैंड, मिस्र, उज्बेकिस्तान, रूस, कजाकिस्तान और अमेरिका सहित करीब 12 देशों ने भागीदारी की पुष्टि की है। इस बार ग्लोबल डांस कार्यक्रम प्रमुख आकर्षण होगा, जिसमें विदेशी कलाकारों के साथ हिमाचल के लोकनृत्यों की छटा भी देखने को मिलेगी। ड्रोन और लेजर शो उत्सव की रौनक बढ़ाएंगे।

सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि 17वीं शताब्दी से चली आ रही कुल्लू दशहरा की परंपरा में स्थानीय देवी-देवताओं की भागीदारी विशेष महत्व रखती है। उत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ स्थानीय खेल प्रतियोगिताएं, नशामुक्ति अभियान और विभिन्न विभागों के प्रदर्शन भी होंगे। उन्होंने देशभर के लोगों को उत्सव में शामिल होने का न्योता दिया।